इससे पहले 2011 में भारत ने वेस्टइंडीज को एकतरफा शृंखला में 2-0 से हराया था लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे में उसे 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था। इसी तरह से 2013 में भी भारत ने दोनों टेस्ट मैच तीन दिन के अंदर जीत लिए थे लेकिन इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के दौरे में इसका कोई फायदा नहीं मिला जिसे भारतीय टीम ने गंवा दिया था।
इससे पता चलता है कि वेस्टइंडीज की टेस्ट टीम पिछले कुछ वर्षों से प्रतिस्पर्धी नहीं रही जो भारतीय टीम को पर्याप्त चुनौती दे सके। भारत वैसे भी अपनी सरजमीं पर अच्छा प्रदर्शन करता रहा है। इस तरह के मुकाबले में किसी भी खिलाड़ी के लिए खुद को प्रेरित करना चुनौती होती है और कप्तान विराट कोहली ने पिछले मैच में शतक बनाकर दिखाया था कि वह किसी भी तरह के मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार हैं।
अठारह वर्षीय पृथ्वी शॉ ने पदार्पण टेस्ट में शतक लगाकर उम्मीद के मुताबिक सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा। वेस्टइंडीज की गेंदबाजी की तुलना भारत की किसी कमजोर प्रथम श्रेणी टीम से की जा सकती है। वह बेदम है और इसलिए भारतीयों को फिर से बड़ा स्कोर खड़ा करने में दिक्कत नहीं आनी चाहिए जबकि पिच भी इसके अनुरूप लगती है।
राजकोट में कप्तान कोहली की शतकीय पारी इसलिए बेजोड़ थी क्योंकि इससे उन्होंने दिखाया कि किस तरह से एक अन्य तरह की चुनौती के लिए खुद को तैयार करना होता है। दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज कोहली ने अपनी 139 रन शतकीय पारी में दस चौके लगाए जोकि पृथ्वी शॉ की पारी में लगाए 19 चौकों और चेतेश्वर पुजारा के 14 चौकों से कम थे लेकिन विराट के 99 रन एक या दो रन के जरिए आए। संभवत: उन्होंने अपने 24 वें टेस्ट शतक में कुछ शॉटों को नियंत्रित करने का प्रयास किया जिससे ऑस्ट्रेलिया दौरे में गियर बदलकर बल्लेबाजी करने में सहूलियत हो सके।
भारत के लिए एकमात्र चिंता का सबब उप कप्तान अंजिक्य रहाणे की फॉर्म है। उन्होंने पिछला शतक अगस्त 2017 में श्रीलंका के खिलाफ बनाया था। वह ऑस्ट्रेलिया शृंखला से पहले फॉर्म में वापसी करने की पूरी कोशिश करेंगे। लोकेश राहुल लगातार लचर प्रदर्शन कर रहे हैं इस साल 16 में से 14 पारियों में लोकेश राहुल प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। इसके बावजूद उन्हें फिर से मौका दिए जाने का मतलब है कि भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ छह दिसंबर से एडिलेड में शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच में राहुल-पृथ्वी की सलामी जोड़ी के साथ उतरना चाहता है। ऐसे में मयंक अग्रवाल को मौका मिलने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही।
14: महीनों से टेस्ट में शतक नहीं लगाया है रहाणे ने
100: ओवर भी नहीं खेल पाई थी पिछले टेस्ट की दोनों पारियों में विंडीज टीम
09: दिन और 720.5 ओवर चले हैं विंडीज के भारतीय मैदानों में खेले गए पिछले तीन टेस्ट मैच और तीनों में मेहमान टीम को पारी से हार मिली है।
-राजकोट में खेले गए पिछले टेस्ट मैच में भारत ने पारी एवं 272 रन से जीत हासिल की थी और इस दौरान विंडीज के खिलाफ अपना उच्चतम स्कोर बनाया और उनके खिलाफ अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल की।
2016: से भारतीय टीम ने आठ बार 600 या उससे ज्यादा का स्कोर किया है।