एंटिगा में खेले गए पहले टेस्ट मैच मिली में ऐतिहासिक जीत से उत्साहित टीम इंडिया शनिवार से जमैका के किंगस्टन में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में उतरेगी तो उसकी नजर सीरीज में अजेय बढ़त बनाने पर होगी।
विराट कोहली की अगुआई में ब्लू आर्मी ने पहले टेस्ट में पारी एवं 92 रन से जीत हासिल कर उपमहाद्वीप के बाहर सबसे बड़ी जीत के साथ 2016-17 के सीजन की शुरुआत की है। टीम इंडिया सीरीज में इस लय को कायम रखना चाहेगी जोकि कोच अनिल कुंबले की पहली सीरीज है। यह मैच भारतीय समयानुसार रात 8.30 बजे से शुरू होगा।
वैसे तो मेजबान वेस्टइंडीज की टीम कम अनुभवी है लेकिन सबीना पार्क की घास वाली हरी-भरी पिच मेहमान बल्लेबाजों का कड़ा इम्तिहान ले सकती है। इस पिच का मिजाज एंटीगा के विपरीत माना जा रहा है जहां टीम इंडिया ने चार दिन में ही जीत हासिल कर ली थी।
कोहली को गेंदबाजों के चयन को लेकर करनी होगी माथापच्ची
अनिल कुंबले और विराट कोहली
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अभी यह कहना मुश्किल है कि घासयुक्त पिच को देखकर दोनों में से कौन सी टीम ज्यादा खुश होगी, लेकिन ऐसा लगता है कि घासयुक्त पिच से मेजबान टीम को मुकाबला थोड़ा संतुलित लगेगा। पहले टेस्ट में जीत के मायने यह नहीं हैं कि भारतीय टीम बेफिक्र होकर दूसरे टेस्ट में उतरेगी। एंटीगा और सबीना पार्क के हालात जुदा हैं। इसके अलावा अभी सीरीज का पहला ही मैच हुआ है और तीन मुकाबले बाकी हैं।
जमैका टेस्ट में मुद्दा टीम संयोजन का भी है कि कप्तान विराट कोहली फिर पांच गेंदबाजों के साथ उतरना चाहेंगे या नहीं। यदि वेस्टइंडीज ने एक या दो अतिरिक्त पेसर उतारे तो कोहली को अतिरिक्त बल्लेबाज का विकल्प लेकर चलना होगा।
भारत के शीर्ष 3 बल्लेबाज मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे एंटीगा टेस्ट में खास कुछ नहीं कर सके थे। फिर कोहली को अपने गेंदबाजों पर पड़ने वाले भार को लेकर भी सोचना होगा। अतिरिक्त बल्लेबाज के उतारे जाने से तीन तेज गेंदबाजों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा और एक गेंदबाज कम चुनना पड़ेगा।
ऐसे में ऑलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी का चयन किया जा सकता है जो निचले मध्यक्रम में बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। ऐसे में अमित मिश्रा को बाहर बैठना पड़ेगा क्योंकि पहले टेस्ट में अश्विन ने शतक जड़ा था और 83 रन देकर सात विकेट भी लिए थे।
मुरली विजय की चोट टीम इंडिया को कर रही परेशान
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टीम इंडिया अपनी एकादश में बदलाव नहीं करना चाहेगी लेकिन सलामी बल्लेबाज मुरली विजय की चोट उसके लिए चिंता का सबब है। दूसरे टेस्ट में उनकी उपलब्धता पर अभी सवाल खड़े हैं। अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि क्या वह पूरी तरह फिट हैं। पहली पारी में बल्लेबाजी के समय उनके शैनोन ग्रैबिएल की गेंद अंगूठे पर लग गई थी।
वेस्टइंडीज की दोनों पारियों में वह फील्डिंग के लिए भी नहीं उतरे थे। दूसरे टेस्ट की तैयारियों के तहत विजय ने बुधवार को नैट प्रैक्टिस जरूर की थी लेकिन बृहस्पतिवार को वैकल्पिक अभ्यास में वह नहीं उतरे। यह सवाल अभी खड़ा है कि क्या टीम प्रबंधन उन्हें उतारने का जोखिम उठाएगा जबकि उनके पास लोकेश राहुल के रूप में विकल्प मौजूद है। लोकेश राहुल ने अभ्यास मैच में अच्छा स्कोर भी किया था।
पिछले 8 साल से सबीना पार्क में पांच दिन तक नहीं खेला जा सका कोई टेस्ट मैच
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अगर पिछले रिकॉर्ड को देखें तो सबीना पार्क में 2008 के बाद कोई भी टेस्ट पांच दिन नहीं चला है। 2008 में मैच पांच दिन चला था जिसे ऑस्ट्रेलिया ने 98 रन से जीता था। उसके बाद से पांच टेस्ट हो चुके हैं और सभी चार दिन में समाप्त हुए हैं जिसमें 2011 का वह मैच भी शामिल है जिसमें भारतीय टीम ने 63 रन से जीत हासिल की थी।
वेस्टइंडीज ने अपना अंतिम टेस्ट यहां पिछले साल गर्मियों में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था जोकि चौथे दिन लंच के बाद खत्म हो गया था।