टीम इंडिया को 228 रन के स्कोर पर 41.2 ओवरों में एमएस धोनी के रूप में पांचवा झटका लगा। इसके तुरंत बाद केदार जाधव 1 रन बनाकर आउट हो गए। इमरान ताहिर ने धोनी को लुंगी एनडिगी के हाथों कैच कराकर जबकि एन्डिल फेह्लुक्वायो ने क्लासेन के हाथों कैच कराकर जाधव को पवेलियन भेजा। धोनी केवल 10 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद से कोहली और भुनवेश्वर कुमार के बीच ने 7वें विकेट लिए 44 रन की साझेदारी हुई। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से जेपी डुमिनी ने 2 विकेट और रबाडा, एनडिगी, मॉरिस, इमरान और एन्डिल फेह्लुक्वायो को 1-1 विकेट मिले।
बता दें कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने इस मैच में अपने वन-डे करियर का 34वां शतक लगाया। साथ ही इस सीरीज में यह उनका लगातार दूसरा शतक रहा।
इससे पहले लक्ष्य का पीछा करने उतरी प्रोटियाज टीम को सलामी बल्लेबाज हाशिम अमला (1 रन) के रूप में पहला झटका लगा। अमला जसप्रीत बुमराह के शिकार हुए। बुमराह ने उनको LBW आउट किया। यहां से मार्करम और डुमिनी ने एक सधी हुई शुरुआत की। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट अच्छी साझेदारी की। इसके बाद ही टीम इंडिया के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने अपने गुगली में फंसाकर मार्करम को पवेलियन भेजा। 32 रन बनाकर वो पवेलियन लौट गए।
वहीं, इस मैच से डेब्यू करने वाले हेनरिक क्लासेन कुछ ज्यादा खास नहीं कर पाए। क्लासेन सस्ते में ही 6 रन बनाकर आउट हो गए। चहल ने उनको LBW आउट किया। इसके बाद यहां से जेपी डुमिनी (51) और डेविड मिलर (25) रन बनाकर मैच में वापसी करने की कोशिश की, लेकिन चहल और कुलदीप की जोड़ी ने टीम इंडिया की जोरदार वापसी कराई। चहल ने डुमिनी को LBW कराकर पवेलियन भेज दिया। वहीं, मिलर को बुमराह ने धोनी के हाथों कैच कराकर आउट किया।
इसके बाद क्रिस मॉरिस बल्लेबाजी करने आए लेकिन ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं पाए। मॉरिस 14 रन बनाकर कुलदीप की गेंद पर LBW आउट हुए। इसके बाद प्रोटियाज की टीम लड़खड़ा गई। यहां से खाया जोंडो (17), एन्डिल फेह्लुक्वायो (3), इमरान ताहिर (8) और लुंगी एनडिगी (6) रन बनाकर पवेलियन लौटे। टीम इंडिया की तरफ से कुलदीप यादव और युजवेन्द्र चहल ने 4-4 विकेट लिए, जबकि जसप्रीत बुमराह को 2 विकेट मिला।
गौरतलब है कि टीम इंडिया ने तीसरे वन-डे के लिए टीम में कोई बदलाव नहीं किया। वहीं, दक्षिण अफ्रीका ने तीसरे मुकाबले में तीन बदलाव किए। दूसरे वन-डे में लगी चोट की वजह से सीरीज से बाहर हुए डी कॉक की जगह हेनरिक क्लासेन को टीम में शामिल किया। यह उनका डेब्यू मैच था। बता दें कि क्लासेन ने घरेलू टूर्नामेंट में अपने बल्ले से धमाल मचाया था। इसके अलावा लुंगी एनडिगी का भी ये वन-डे इंटरनेशनल में डेब्यू मैच रहा। वहीं, शम्शी तबरेज की जगह इस मैच में एन्डिल फेह्लुक्वायो को शामिल किया गया।
मालूम हो कि दक्षिण अफ्रीका पहले ही अपने तीन स्टार खिलाड़ियों को गंवा चुका है। प्रोटियाज टीम के धाकड़ बल्लेबाज एबी डीविलियर्स उंगली में चोट के कारण पहले तीन वन-डे के लिए बाहर हो गए थे। वहीं, इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के नियमित कप्तान फाफ डू प्लेसी के रुप में धक्कका लगा। वो भी पहले वन-डे में चोटिल होकर शेष सीरीज से बाहर हो गए।
इसके तुरंत बाद ही टीम को एक और तगड़ा झटका लगा। विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक कलाई में चोट के कारण टीम इंडिया के खिलाफ वन-डे सीरीज के शेष मुकाबलों और टी-20 इंटरनेशनल सीरीज से बाहर हो गए। डी कॉक को दूसरे वन-डे के दौरान बाएं हाथ की कलाई में चोट लग गई थी। बता दें कि इससे पहले टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका में एक वन-डे सीरीज में दो बार (1992-93 और 2010-11) दो-दो मैच जीतने में कामयाब रहा है।