आईसीसी के अगले चेयरमैन को लेकर सोमवार को निदेशकों के बोर्ड की बैठक बेनतीजा खत्म हो गई। इस बैठक में शशांक मनोहर के बाद अगले चेयरमैन को लेकर सर्वसम्मति नहीं बन सकी। बैठक का एक ही एजेंडा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया को अंतिम रूप देना था, लेकिन सर्वसम्मति से उम्मीदवार चुनने को लेकर कोई कामयाबी नहीं मिल सकी।
आईसीसी बोर्ड के एक सदस्य ने बताया, 'कई मसलों पर सहमति नहीं बन सकी। पहले तो इसी पर मतभेद हैं कि सामान्य बहुमत से या दो तिहाई बहुमत से चुनाव होगा क्योंकि सदन में 17 सदस्य हैं।' इसके अलावा ऐसा उम्मीदवार नहीं मिल पा रहा है जिसके नाम पर सर्वसम्मति हो।
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बीसीसीआई अध्यक्ष और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भी दौड़ में हैं या नहीं। आईसीसी के एक पूर्व निदेशक ने बताया, 'इंग्लैंड के कोलिन ग्रावेस दमदार उम्मीदवार हैं, लेकिन सभी की रजामंदी उन पर नहीं है। कई देश उन्हें स्वीकार नहीं करेंगे।'
मीडिया सूत्रों की माने तो भारत और पाकिस्तान के आपसी रिश्तों की वजह से गवर्निंग बॉडी इस दिशा में आगे नहीं बढ़ पा रही है। आईसीसी के कुछ सदस्य और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) चाहता है कि आईसीसी का नया चेयरपर्सन दो-तिहाई बहुमत के आधार पर चुना जाए वहीं ज्यादातर सदस्य- जिसमे भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं- का मानना है कि यह प्रक्रिया सामान्य बहुमत के आधार पर ही होनी चाहिए।
सूत्रों का कहना है, 'ICC में 17 वोट हैं। दो तिहाई का अर्थ होगा कि जीतने वाले को 12 वोट मिलें वहीं साधारण बहुमत में 9 वोट हासिल करने वाला जीत जाएगा।' गवर्निंग बॉडी के 11 सदस्य जिसमें भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और सात अन्य एक ओर हैं तथा अंतरिम चेयरमैन इमरान ख्वाजा, स्वतंत्र निदेशक इंद्रा नूई, तीन एसोसिएट सदस्य और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड दूसरी ओर हैं।