वहीं विश्व कप के लिए टीम के चयन को किए जा रहे एक के बाद एक प्रयोगों ने टीम इंडिया की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। हालांकि भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने मैच की पूर्व संध्या पर कहा कि विश्व कप से पहले इतने बड़े आयोजन केलिए सभी विकल्पों पर काम किया जा रहा है।
यह अच्छी बात है कि जो भी खामियां सामने आई हैं वह इसी सीरीज में पता चल गईं। विश्व कप में इस तरह की खामियों का जोखिम नहीं लिया जा सकता है। खामियों को ध्यान में रखकर ही टीम संरचना पर काम हो रहा है।
विश्व कप टीम चयन से पहले अंतिम वन डे
खास बात यह है कि विश्व कप के लिए टीम चयन से पहले यह अंतिम वन डे है। इसके बाद भारत को इंग्लैंड में 25 मार्च को विश्व कप का वार्म अप मैच खेलना है। बावजूद इसके विश्व कप को लेकर टीम की संरचना निर्धारित नहीं है।
अरुण मानते हैं कि गेंदबाजी और बल्लेबाजी में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें अभी हल किया जाना बाकी है, लेकिन अच्छी बात यह है कि जिस तरह से यह सीरीज गई है उससे कमियों को दूर करने में सहायता मिलेगी। दरअसल दिक्कत नंबर चार की पोजीशन को लेकर है। यहां अंबाती रायडू और विजय शंकर को लेकर फैसला होना है। लोकेश राहुल के स्थान पर लेकर भी टीम मैनेजमेंट पसोपेश में है।
लॉर्ड्स और ईडन गार्डन्स के बाद फिरोजशाह कोटला में भी बड़ा घंटा लगाया गया है।
इन दोनों ही स्टेडियमों में घंटा बजाकर मैच शुरू करने की परंपरा है। बुधवार को डीडीसीए अध्यक्ष रजत शर्मा अपने सलाहकार सलिल सेठ के साथ घंटा बजाकर भारत और आस्ट्रेलिया के बीच पांचवें वन डे की शुरूआत करेंगे।
वहीं दिल्ली के क्रिकेटरों में इस बात को लेकर रोष है कि उन्हें बतौर खिलाड़ी तो डीडीसीए ने मर्की पास उपलब्ध कराए हैं, लेकिन मेंबर के पास उन्हें नहीं दिए गए हैं। डीडीसीए के दावा है कि मेंबरों के बीच साढ़े आठ हजार के करीब पास वितरित किए गए हैं।