जयराम रमेश तो यह दावा भी कर रहे हैं कि नौकरशाह एकाएक उत्साह में आ गए हैं। बतौर रमेश, हमें लगता है कि नौकरशाह भी अब यह समझ गए हैं कि मोदी सरकार अपनी विदाई की बेला में है। मोदी सरकार के कई विश्वस्त अधिकारी खुद ही आगे आ रहे हैं। वे कह रहे हैं आप दस्तावेज लें। आरबीआई के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की वह रिपोर्ट, जिसमें नोटबंदी की सिफारिश की गई, उसे आरटीआई के जरिए हासिल करने के लिए 26 माह लग गए, अब हमारे हाथ में है। अभी यह तो केवल शुरुआत भर है। चुनावी पारा जैसे-जैसे ऊपर चढ़ेगा, कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार के कई ऐसे राज, जिन पर अभी तक पर्दा पड़ा हुआ है, लोगों के सामने आएंगे।
कांग्रेस नेता ने कहा, अब प्रेसवार्ताओं का एक नया सिलसिला शुरू होगा। केवल आरबीआई ही नहीं, बल्कि कई दूसरे विभाग जैसे, रक्षा मंत्रालय, ग्रामीण विकास, संचार, वित्त, शिक्षा-स्वास्थ्य और युवाओं के मामलों से जुड़ी कई अहम फाइलें कांग्रेस पार्टी के पास आ रही हैं। काले धन को लेकर भी दस्तावेज आए हैं। नोटबंदी के नाम पर किन लोगों ने टैक्स हैवन देशों में किस तरह कालाधन निवेश किया है, ये खुलासे भी लोगों के सामने होंगे।
खास बात यह है कि कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार के खिलाफ जितने भी खुलासे करेगी, वे सभी दस्तावेजों पर आधारित होंगे। नौकरशाह आपको ये दस्तावेज क्यों मुहैया करा रहे हैं, इस सवाल के जवाब में जयराम रमेश ने कहा, वे जानते हैं कि अब इस सरकार का सत्ता से जाना तय है। यही वजह है कि अब सरकार के अंदर से बहुत कुछ निकल रहा है।