मौका ऐतहासिक हो और अनिल कुंबले की मौजदूगी हो तो इतिहास खुद-ब-खुद बन जाता है। ऐसा ही इतिहास कुंबले एक बार फिर लिखने की तैयारी में हैं। यह अनिल कुंबले ही थे जो न सिर्फ भारत के 300वें और 400वें टेस्ट का हिस्सा थे बल्कि इन दोनों ऐतिहासिक मौकों पर उन्होंने ही टीम इंडिया की जीत की इबारत लिखने में मुख्य भूमिका निभाई।
अब बारी टीम इंडिया के 500वें टेस्ट मैच की है। हालांकि कोच कुंबले इस बार टीम के साथ बतौर खिलाड़ी मैदान पर तो नहीं होंगे, लेकिन इस ऐतिहासिक मौके पर भारत की जीत की पटकथा उन्हीं के इशारों पर तैयार की जाएगी।
खास बात यह है कि भारत को अपने पहले और 100वें टेस्ट में इंग्लैंड के हाथों जहां हार मिली तो 200वां टेस्ट पाकिस्तान के खिलाफ ड्रॉ पर छूटा, लेकिन 300वें और 400वें टेस्ट में उसके हिस्से में जीत आई। भारत के 300वें और 400वें टेस्ट में कुंबले के साथ वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ भी खेले, लेकिन कुंबले की भूमिका कानपुर के ग्रीन पार्क में होने जा रहे 500वें टेस्ट में भी होगी।
उनके लिए यह अनोखा सम्मान हो सकता है और कहीं भारतीय टीम को जीत मिली तो यह उनके लिए सोने पर सुहागा वाली बात होगी। भारत का 300वां टेस्ट 1996 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहमदाबाद में खेला गया था। तब अजहर की कप्तानी में भारत ने यह टेस्ट 64 रनों से जीता था। कुंबले ने यहां पहली पारी में दो और दूसरी पारी में 34 रनों पर तीन विकेट लेकर श्रीनाथ (21 पर छह) के साथ दक्षिण अफ्रीका को 105 रनों पर समेटा। भारत की दूसरी पारी 190 रनों पर सिमटी यहां कुंबले ने 30 नाबाद रनों की पारी खेली।