मैच के चौथे और अंतिम दिन टीम को हार टालने के लिए 269 रन और बनाने थे, इसके लिए कप्तान सुरेश रैना पर ही सारा दारोमदार था क्योंकि सिर्फ 3 विकेट ही हाथ में थे, लेकिन उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी भी टीम को हार से बचा नहीं सकी।
ग्रेटर नोएडा में गुलाबी गेंद से खेले जा रहे पहले प्रथम श्रेणी मुकाबले में युवराज सिंह की अगुवाई वाली इंडिया रेड की टीम 219 रनों से बड़ी जीत हासिल कर ली। इंडिया रेड ने इंडिया ग्रीन को हराया। अब 29 से युवराज की टीम का मुकाबला गौतम गंभीर की कप्तानी वाली इंडिया ब्लू की टीम से होगा।
भारत में पहली बार गुलाबी गेंद से दिन-रात का मैच खेला गया। 4 दिवसीय मुकाबले के पहले दिन कुल 17 विकेट गिरे, लेकिन इसके बाद बल्लेबाजों ने मैच में वापसी की और 2 शतक के साथ कुछ अन्य बल्लेबाजों ने भी बढ़िया बल्लेबाजी की।
मैच के अंतिम दिन इंडिया ग्रीन ने अपनी दूसरी पारी 7 विकेट पर 217 रन से आगे खेलना शुरू किया और पूरी टीम 60 रन और जोड़कर आउट हो गई। हालांकि कल के नाबाद बल्लेबाज कप्तान रैना ने क्रीज पर संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी कर मैच को ड्रॉ की ओर ले जाने की कोशिश की लेकिन उनके 90 रन के निजी स्कोर पर आउट हो जाने से मैच बचाने की उनकी योजना पर पानी फिर गया। उन्होंने 101 गेंदों का सामना करते हुए 11 चौके और 3 छक्के के साथ 90 रनों की पारी खेली।