भारत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की प्रत्येक वर्ष की कमाई में मिलने वाले हिस्से में सबसे आगे है जबकि पाकिस्तान चौथे नंबर पर है। आईसीसी के वर्ष 2024-27 के वित्तीय मॉडल में बीसीसीआई को प्रत्येक वर्ष करीब 1892 करोड़ रुपये (231 मिलियन यूएस डॉलर) मिलेंगे जबकि पाकिस्तान को 282 करोड़ रुपये (34.51 मिलियन यूएस डॉलर) ही दिए जाएंगे। बीसीसीआई हर साल पाकिस्तान से सात गुना ज्यादा कमाई करेगा।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आईसीसी को जितनी कमाई होगी, उसका 38.5 प्रतिशत हिस्सा बीसीसीआई को मिलेगा। आईसीसी को करीब 4916 हजार करोड़ रुपये (600 मिलियन यूएस डॉलर) मिलने की उम्मीद है और इसमें 38.5 के रूप में बीसीसीआई का सबसे बड़ा हिस्सा होगा। इसके बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) को करीब 338 करोड़ रुपये (41.33 मिलियन यूएस डॉलर) और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) को लगभग 307 करोड़ रुपये (37.53 मिलियन यूएस डॉलर) मिलने की संभावना है।
बाकी के आठ पूर्ण सदस्यों की कमाई पांच प्रतिशत से भी कम होगी। बीसीसीआई लगातार जोर देता रहा है कि भारत के अधिक योगदान के कारण वह आईसीसी के राजस्व से अधिक हिस्सेदारी का हकदार है। हालांकि आईसीसी सभी देशों के बोर्ड की ओर से नए वित्तीय मॉडल पर जवाब मिलने का इंतजार कर रहा है और अगले महीने आईसीसी की सालाना बैठक में इस मॉडल पर मंजूरी भी मिल सकती है।