भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वन डे मैच में कंगारू टीम का पलड़ा भारी है। आंकड़ें देखें तो 1980 से दोनों देशों के बीच अब तक 123 मैच हुए हैं। जिनमें 72 में ऑस्ट्रेलिया और 41 में टीम इंडिया को जीत मिली है। हालांकि पिछले एक-दो सालों से टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया टीम पर जमकर पलटवार कर रही है। इस स्लाइड में दोनों देशों के बीच अब तक के पांच बड़े वन डे मुकाबलों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी जाएगी।
1998, शारजाह के कोका कोला कप में सचिन का पराक्रम
सचिन तेंदुलकर
- फोटो : yahoo cricket
टीम इंडिया यह मैच हालांकि हार गई थी। लेकिन सचिन तेंदुलकर ने इस मैच में 131 गेंदों में 143 रनों की यादगार पारी खेलकर टीम इंडिया को फाइनल में पहुंचाया था। ऑस्ट्रेलिया ने पहले खेलते हुए माइकल बेवेन के शतक की बदौलत 284 रनों का स्कोर खड़ा किया। टीम इंडिया को फाइनल में पहुंचने के लिए 254 रन ही बनाना था। टीम इंडिया लक्ष्य का पीछा करने उतरी पर बारिश आ गई। बारिश की बाधा से पहले टीम इंडिया ने 31 ओवर में 4 विकेट खोकर 143 रन बना लिए थे। बारिश के बाद टीम इंडिया को मैच जीतने के लिए 46 ओवर में 276 रनों का टारगेट दिया गया। टीम इंडिया यह टारगेट तो नहीं पूरा कर पाई लेकिन फाइनल में पहुंचने के लिए निर्धारित स्कोर 237 रनों को आसानी से पार कर लिया। सचिन का विकेट 43 वें ओवर में गिरा। वह मैच तो नहीं जिता पाए लेकिन टीम इंडिया को फाइनल तक जरूर पहुंचा दिए थे। सचिन ने 9 चौके और पांच छक्के मारे। टीम इंडिया ने अंतिम 11 ओवरों में 100 रन कूट दिए।
2008, सीबी सीरीज का दूसरा फाइनल
सचिन तेंदुलकर
- फोटो : yahoo cricket
सीबी सीरीज का पहला फाइनल टीम इंडिया सचिन तेंदुलकर के शानदार नाबाद 117 रनों की मदद से जीत चुकी थी। बेस्ट ऑफ थ्री के तहत खेले गए दूसरे फाइनल में भी टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर टूर्नामेंट जीत लिया। मैच में पहले बैटिंग कर रही टीम इंडिया की तरफ से सचिन लगातार दूसरा शतक जड़ने के करीब थे। लेकिन 40 ओवर में 205 के स्कोर पर वह 91 रन के स्कोर पर आउट हो गए। इसके बाद लगा टीम इंडिया 280 रन बना लेगी। लेकिन ऑस्ट्रेलिया की अनुशासित गेंदबाजी की वजह से टीम इंडिया 259 रन ही बना सकी। बाद में लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया को प्रवीण कुमार ने शुरुआत में ही तीन करारे झटके दिए। कुमार ने गिलक्रिस्ट, पोंटिंग और क्लार्क को आउट कर कंगारू टीम का स्कोर 9 ओवर में 3 विकेट पर 32 रन कर दिया। बाद में हेडन और सायमंड ने पारी को संभाला। इनके आउट होने के बाद जब 8 ओवर में 60 रन चाहिए थे तक माइक हसी के आउट होने से ऑस्ट्रेलिया मैच हार गया। धोनी की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया में पहली वन डे सीरीज जीत मिली। अंतिम ओवर में इरफान पठान ने जेम्स होप को छकाते हुए 13 रन नहीं बनाने दिए।
2009, हैदराबाद में सचिन के 175 रन बेकार गए
सचिन तेंदुलकर
- फोटो : yahoo cricket
2009 की घरेलू वन डे सीरीज में हैदराबाद में ऑस्ट्रेलिया ने पहले खेलते हुए 350 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की तरफ से सहवाग और तेंदुलकर ने 53 गेंदों में 66 रन ठोंक दिए। धोनी के आउट होने पर स्कोर 24 ओवर में 4 विकेट खोकर 162 रन था। इसके बाद सुरेश रैना और तेंदुलकर ने 19 ओवर में 137 रन जोड़ दिए। 43 वें ओवर में रैना आउट हो गए। उस वक्त ऐतिहासिक जीत के लिए 52 रन चाहिए थे। सचिन दूसरी तरफ आकर्षक बैटिंग कर रहे थे। 18 गेंदों में महज 19 रन जीत के लिए चाहिए थे तभी सचिन 175 रन बनाकर आउट हो गए। अंत में टीम इंडिया 3 रन से मैच हार गई।
2011, विश्व कप क्वार्टरफाइनल, अहमदाबाद
युवराज और रैना
- फोटो : yahoo cricket
कप्तान रिकी पोंटिंग के जुझारू शतक की बदौलत कंगारू टीम ने 260 रनों का स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया का हर बल्लेबाज बेहतर स्टार्ट के बाद बड़ी पारी नहीं खेल सका और अपना विकेट गंवाता गया। एक समय स्कोर 5 विकेट पर 187 रन था। युवराज और रैना की जोड़ी मैदान पर थी। युवराज ने शानदार अर्धशतक लगाते हुए टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया। इस मैच के हीरो सिर्फ और सिर्फ युवराज सिंह रहे। अगर युवराज मैच विनिंग पारी नहीं खेलते तो सचिन का विश्व कप जीतने का सपना हमेशा के लिए अधूरा रह जाता।
2013, कोहली की एक और 'विराट' पारी, नागपुर
विराट कोहली
2013 अक्टूबर में जयपुर में सीरीज के दूसरे मैच में टीम इंडिया ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के शतकों की मदद से 359 रनों के विशाल लक्ष्य को हासिल कर लिया था। विराट ने भारत की तरफ से सबसे तेज शतक लगा दिया था। इसी सीरीज में नागपुर में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर 350 का स्कोर खड़ा कर दिया। शेन वाटसन ने 102 तथा जार्ज बैली ने 156 रनों की शानदार पारियां खेलीं। टीम इंडिया सीरीज में 2-1 से पीछे चल रही थी। ऐसे दबाव के बीच 350 का स्कोर एक बड़ी मुसीबत बन बैठा था। लेकिन कोहली ने इसे भी हासिल कर अपना कद और विराट कर दिया। विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की ओर से एक बार फिर विराट ने टीम इंडिया की तरफ से चौथा सबसे तेज शतक लगाया। विराट ने महज 66 गेंदों में 115 रन बनाए। टीम इंडिया ने 6 विकेट से जीत दर्ज की। विराट के अलावा शिखर धवन ने 100 तथा रोहित शर्मा ने 79 रन बनाए। जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में 2-2 से बराबरी कर ली।