ऑस्ट्रेलिया में खेली जा रही 4 टीमों की एकदिवसीय सीरीज के फाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलियाई टीम से मिले 275 रनों के लक्ष्य के जवाब में 48.4 ओवर में ही हासिल कर ली। भारत ने यह मैच 4 विकेट से जीता।
रिषि धवन (56) और अक्षर पटेल (45) ने सातवें विकेट के लिए 93 रनों की नाबाद साझेदारी कर टीम को शानदार खिताबी जीत दिलाई। भारत की ओर से केदार जाधव ने सबसे ज्यादा 78 रन बनाए, जबकि मनोज तिवारी ने 50 रनों का योगदान दिया।
इस टूर्नामेंट में भारत और ऑस्ट्रेलिया के अलावा दक्षिण अफ्रीका तथा ऑस्ट्रेलिया की एनपीएस टीमों ने हिस्सा लिया था। तीसरे स्थान के लिए हुए मैच में दक्षिण अफ्रीका ने एनपीएस को 7 विकेट से हराया।
इससे पहले भारत-ए ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2 चार दिवसीय गैर आधिकारिक टेस्ट मैचों की सीरीज बराबरी पर खत्म किया था। दोनों में ही मैच में भारत का दबदबा था लेकिन मेहमान टीम मैच जीत नहीं सकी थी।
भारतीय टीम को गैर आधिकारिक टेस्ट मैचों की कमान मनोज तिवारी के हाथों में थी, जबकि वनडे सीरीज की अगुवाई रॉबिन उथप्पा ने की।
बेहद खराब रही भारतीय टीम की शुरुआत
ऑस्ट्रेलिया ए से मिले चुनौतीपूर्ण लक्ष्य के जवाब में टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही और 51 रन तक अपने शीर्ष क्रम के 3 विकेट गंवा दिए।
मनन वोहरा (8), कप्तान रॉबिन उथप्पा (12) और अंबाती रायडू (7) सस्ते में आउट हो गए।
संकट में दिख रही भारत-ए की ओर से मनोज तिवारी और केदार जाधव ने चौथे विकेट के लिए 82 रनों की साझेदारी कर फिर से उम्मीद जगा दी। हालांकि अर्धशतक लगाने के तुरंत बाद मनोज तिवारी आउट हो गए।
कैमरून व्हाइट ने खेली शतकीय पारी
इससे पहले मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। अपने फैसले को सही साबित करते हुए कप्तान और सलामी बल्लेबाज कैमरून व्हाइट (137) ने फीलिप ह्यूज (51) के साथ पहले विकेट के लिए 26.5 ओवर में 146 रनों की बेजोड़ साझेदारी की।
धवल कुलकर्णी ने 27वें ओवर में ह्यूज को आउट करने में सफलता हासिल की।
एक छोर पर टिके कैमरून ने लाजवाब बल्लेबाजी की और भारतीय गेंदबाजों पर जमकर प्रहार जारी रखा। उन्होंने 150 गेंदों में 137 रनों की शानदार पारी खेली। साथ ही 10 चौका और 5 छक्का भी लगाया। कुलकर्णी ने उन्हें भी आउट किया।
हालांकि दूसरे छोर पर अन्य बल्लेबाज ज्यादा कामयाब नहीं रहे और ऑस्ट्रेलिया 50 ओवर में 5 विकेट पर 274 रन बनाए।
भारत की ओर से धवल कुलकर्णी ने 51 रन देकर 3 विकेट झटके।
सीरीज में लाजवाब रहा था भारत का प्रदर्शन
भारत-ए ने एकदिवसीय मैचों की सीरीज शानदार प्रदर्शन किया था। फाइनल मैच से पहले भारत ने 6 मैच खेले जिसमें उसे एक ही हार मिली, जबकि 5 मैचों में जीत हासिल की थी। टीम इंडिया ने कुल 23 अंक जुटाए थे।
जबकि मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने इतने ही मैचों से सिर्फ 4 मैच जीते थे। वहीं दक्षिण अफ्रीका 2 ही मैच जीत पाया था। सबसे खराब हालत एनपीएस की रही जो 6 में से एक मैच ही जीत सका था।