भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने जोहानिसबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में पूर्व उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे की मौजूदगी के बावजूद केएल राहुल से कप्तानी कराने के फैसले पर नाराजगी जताई है। जाफर का मानना है कि नियमित कप्तान विराट कोहली की अनुपस्थिति में रहाणे को ही कप्तानी करनी चाहिए थी। भारतीय टीम दूसरा टेस्ट मैच सात विकेट से हार गई थी। डीन एल्गर की टीम ने आखिरी दिन 240 रन का लक्ष्य हासिल कर सीरीज को 1-1 से बराबर कर दिया था।
विराट कोहली पीठ की ऐंठन के कारण दूसरे टेस्ट में नहीं खेल पाए थे। दौरे से पहले उपकप्तान बनाए जाने वाले राहुल को जोहानिसबर्ग में कप्तानी करनी पड़ी थी। बल्लेबाजी में तो उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और पहली पारी में अर्धशतक लगाया था, लेकिन मैच की चौथी पारी में उनकी कप्तानी सवालों के घेरे में आ गई थी। वे अफ्रीकी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में कामयाब नहीं हो सके।
अजिंक्य रहाणे ने कोहली की अनुपस्थिति में पिछले साल ऑस्ट्रेलिया में भारत को एक यादगार टेस्ट सीरीज जीत दिलाई थी। उन्हें दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले खराब फॉर्म के कारण उप-कप्तान के पद से बर्खास्त कर दिया गया था। हालांकि, रहाणे टीम में अपनी जगह बरकरार रखने में सफल रहे। दूसरे टेस्ट की पहली पारी में वे गोल्डन डक पर आउट हो गए थे। उन्होंने दूसरी पारी में 58 रन बनाकर भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में मदद की।
इनसाइडस्पोर्ट ने जाफर के हवाले से लिखा, "मैं टीम प्रबंधन से हैरान हूं। जब आपके पास अजिंक्य रहाणे जैसा अनुभवी खिलाड़ी उपलब्ध हो, जिसने कप्तान के तौर पर कोई टेस्ट नहीं हारा हो और आपको ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज दिलाई हो, तो क्या आपको केएल राहुल को टेस्ट कप्तानी देने की जरूरत है? मैं केएल राहुल के खिलाफ नहीं हूं। वे युवा हैं और उन्होंने पंजाब किंग्स की कप्तानी की है। लोग उन्हें भविष्य का कप्तान बता रहे हैं। मुझे लगता है कि रहाणे को कोहली की अनुपस्थिति में टीम का नेतृत्व करना चाहिए था।"
जाफर ने यह भी कहा कि भारत को दूसरे टेस्ट में विराट कोहली की कमी खली। भारत के इस पूर्व बल्लेबाज का मानना है कि विराट टीम इंडिया में ऊर्जा भरते हैं। उनकी आक्रामकता टीम के पक्ष में काम करती है। भारतीय टीम पहला टेस्ट मैच सेंचुरियन में जीती थी। जोहानिसबर्ग में दक्षिण अफ्रीका ने वापसी की। अब तीसरा और निर्णायक टेस्ट केपटाउन में 11 जनवरी से होगा।