भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन टेस्ट मैचों की शुरुआत सेंचुरियन में रविवार (26 दिसंबर) को हुई। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। उन्होंने टीम चयन में वही फैसले लिए जिसके कयास पिछले कई दिनों से लगाए जा रहे थे। विराट ने टीम के उपकप्तान रहे अजिंक्य रहाणे को एक बार फिर से मौका दिया है। उन्होंने शार्दुल ठाकुर को भी प्लेइंग इलेवन में शामिल किया है।
कोहली ने रहाणे के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में हीरो रहे श्रेयस अय्यर को बाहर कर दिया है। अय्यर ने कानपुर में खेले गए अपने पदार्पण टेस्ट में शतक और अर्धशतक लगाया था। उन्होंने पहली पारी में 105 और दूसरी पारी में 65 रन बनाए थे। इसके बाद मुंबई टेस्ट में 18 और 14 रन बनाए थे।
रहाणे ने एक साल से नहीं लगाया शतक
रहाणे ने टेस्ट मैच में एक साल से कोई शतक नहीं लगाया है। उन्होंने पिछला शतक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिसंबर 2020 में लगाया था। पिछले एक साल में रहाणे के बल्ले से सिर्फ दो अर्धशतक निकले हैं। इसके बावजूद उन्हें टीम में जगह दी है।
अय्यर के ऊपर रहाणे को क्यों मिली तरजीह?
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रहाणे ने 11 टेस्ट में 748 रन बनाए हैं। इनमें तीन शतक और तीन अर्धशतक हैं।
रहाणे ने दक्षिण अफ्रीका में 4 टेस्ट मैच खेले हैं। इस दौरान 53.20 की औसत से 266 रन ठोके हैं।
विदेशों में रहाणे ने अपने 12 शतक में 8 शतक लगाए हैं। उनका औसत 49.50 का रहा है।
हनुमा विहारी की जगह शार्दुल टीम में
शार्दुल ठाकुर को इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन करने का इनाम मिला है। उन्होंने इंग्लिश पिचों पर इस साल दो अर्धशतक जड़े थे। इसके अलावा सात विकेट भी अपने नाम किए थे। शार्दुल के करियर को देखें तो उन्होंने पांच टेस्ट में 190 रन बनाए हैं। इस दौरान 14 विकेट झटके हैं।
हनुमा की बात करें तो वे इस साल जनवरी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछली बार टीम में नजर आए थे। उसके बाद चोटिल होने के कारण लंबे समय तक टीम से बाहर रहे थे। उन्होंने भारत-ए के लिए दक्षिण अफ्रीका-ए के खिलाफ 5 पारियों में तीन अर्धशतक जड़े थे।
टॉस के समय कोहली ने क्या कहा?
टॉस जीतने के बाद विराट कोहली ने कहा- हम पहले बल्लेबाजी करेंगे। विदेशों में पहले रन बनाना हमारे लिए फायदेमंद रहा है। पिच दूसरे और तीसरे दिन और ज्यादा तेज होगी। विदेशों में हमारी सफलता की शुरुआत यहीं से हुई थी। यहां खेलना काफी कठिन है। दक्षिण अफ्रीका की टीम हमेशा से मजबूत रही है। वे इन परिस्थितियों को अच्छी तरह से जानते हैं। हमारी तैयारी भी अच्छी है। हम चार गेंदबाज और एक ऑलरआउंडर के साथ उतर रहे हैं।
दोनों टीमों की प्लेइंग-11
दक्षिण अफ्रीका: डीन एल्गर (कप्तान), एडेन मार्कराम, कीगन पीटरसन, रसी वान डर डुसेन, टेंबा बावुमा, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), वियान मूल्डर, मार्को जानसेन, केशन महाराज, कगिसो रबाडा, लुंगी एंगिडी।
भारत: केएल राहुल, मयंक अग्रवाल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत, रविचंद्रन अश्विन, शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज।