भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज हार गई है। केपटाउन में खेले गए अंतिम टेस्ट सात विकेट से अपने नाम कर अफ्रीकी टीम ने सीरीज को 2-1 से जीत लिया है। राहुल द्रविड़ की कोचिंग में भारतीय टीम पहली बार सीरीज हारी है। उन्हें पिछले साल टीम का कोच बनाया गया था। उसके बाद भारत ने न्यूजीलैंड को टेस्ट सीरीज में 1-0 से हराया था।
द्रविड़ का भाग्य दक्षिण अफ्रीका में एक बार फिर उनके साथ नहीं था। 2007 में जब टीम इंडिया सीरीज हारी थी तब वे कप्तान थे। इस बार हारी है तो वे कोच हैं। दोनों हार में एक समानता जरूर है। 2006-07 में खेली गई सीरीज में भी भारतीय टीम पहला टेस्ट जीती थी। उसने तब जोहानिसबर्ग में 123 रन से अफ्रीकी टीम को हराया था। वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उसके घर में टीम इंडिया की पहली जीत थी।
जोहानिसबर्ग टेस्ट मैच जीतने के बाद भी भारतीय टीम सीरीज नहीं जीत पाई थी। दक्षिण अफ्रीका ने डरबन में खेले गए दूसरे टेस्ट में जबरदस्त वापसी की थी। उसने मुकाबले को 174 रन से अपने नाम कर सीरीज को 1-1 की बराबरी पर ला दिया था। तीसरा टेस्ट केपटाउन में खेला गया था। दक्षिण अफ्रीका ने उस टेस्ट को पांच विकेट से जीत लिया था। इस तरह एक टेस्ट में पिछड़ने के बाद तब अफ्रीकी टीम ने शानदार वापसी की।
उसी इतिहास को मेजबान टीम ने एक बार फिर से दोहराया है। इस बार विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम ने सेंचुरियन में पहला टेस्ट जीत लिया। जोहानिसबर्ग में कोहली टीम के साथ नहीं थे। केएल राहुल ने कप्तानी की थी। अफ्रीकी टीम ने उस मैच को सात विकेट से अपने नाम कर लिया। केपटाउन टेस्ट में कोहली ने वापसी की, लेकिन भारत को जीत नहीं दिला सके। डीन एल्गर की टीम ने एक बार से सात विकेट से मैच अपने नाम कर लिया।
इस तरह राहुल द्रविड़ को बतौर कप्तान के बाद अब बतौर कोच अफ्रीका में हार मिली है। दोनों बार पहला टेस्ट जीतने के बाद टीम इंडिया हारी है। द्रविड़ की नजर वनडे सीरीज पर है। टीम इंडिया कम से कम तीन वनडे मैचों की सीरीज को जीतकर प्रशंसकों को खुशी मनाने का एक मौका जरूर दे।