कोहली को जहां एक अपेक्षाकृत कमजोर मानी जा रही टीम के खिलाफ अपने खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाना होगा वहीं उन्हें स्वयं भी बड़ी पारी खेलनी होगी क्योंकि वह 2019 से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक नहीं लगा पाए हैं। इस बीच उनका औसत 30 से कम रहा जो उनकी ख्याति के अनुकूल नहीं है। कोहली ने दौरा शुरू होने से पहले भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली पर निशाना साधकर नई चर्चा शुरू कर दी थी लेकिन जो लोग कोहली को जानते हैं वे समझते हैं कि इस तरह की घटनाओं से भारतीय कप्तान अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं।
ऋ षभ पंत भी विषम परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं और अगर वह स्पिनर महाराज पर एक हाथ के सहारे छक्के जड़ते हैं तो कप्तान कोहली को भी कोई दिक्कत नहीं होगी। भारतीय बल्लेबाजों को हालांकि रबादा और डुआने से सतर्क रहने की जरूरत है। जसप्रीत बुमराह अपनी तेज गेंदबाजी से दोनों टीमों के बीच अंतर पैदा कर सकते हैं। वह विश्राम के बाद वापसी कर रहे हैं तथा एल्गर, तेम्बा बावुमा और डिकॉक जैसे बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा लेने के लिए तैयार हैं। यदि बुमराह और मोहम्मद शमी शीर्ष क्रम पर हावी हो जाते हैं तो दक्षिण अफ्रीका के बाकी बल्लेबाजों के लिए रविचंद्रन अश्विन का सामना
करना आसान नहीं होगा।
भारत :
विराट कोहली (कप्तान), केएल राहुल (उप कप्तान), मयंक अग्रवाल, चेतेश्वर पुजारा, श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, अजिंक्य रहाणे, ऋद्धिमान साहा (विकेटकीपर), जयंत यादव, प्रियांक पांचाल, उमेश यादव, हनुमा विहारी, इशांत शर्मा
दक्षिण अफ्रीका :
डीन एल्गर (कप्तान), तेम्बा बावुमा (उपकप्तान), क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), कगिसो रबादा, सरेल एरवी, बेउरन हेंड्रिक्स, जॉर्ज लिंडे, केशव महाराज, लुंगी नगिदी, एडेन मार्कराम, वियान मुल्डर, कीगन पीटरसन, रासी वैन डर डूसेन, काइल वेरेने, मार्को जेन्सन, ग्लेनटन स्टुरमैन, प्रेनेलन सुब्रायन, सिसांदा मगला, रेयान रिकेलटन, डुआने ओलिवर