भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज 26 दिसंबर से शुरू हो रही है। टीम इंडिया की नजर अफ्रीकी टीम के खिलाफ पहली बार सीरीज जीतने पर है। अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने वहां पहुंचने के बाद टीम इंडिया को सीरीज जीतने का दावेदार बताया। उन्होंने कहा कि इसमें तेज गेंदबाज अहम भूमिका निभाएंगे। पुजारा ने भले ही टीम इंडिया को दावेदार बताया हो लेकिन आंकड़े इसके उलट हैं।
29 साल में भारतीय टीम सात बार दक्षिण अफ्रीका गई, लेकिन अब तक सीरीज अपने नाम करने में कामयाब नहीं हो सकी है। विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया उस सूखे को खत्म करने के लिए मैदान पर उतरेगी। पिछले चार सालों के रिकॉर्ड को देखें तो अफ्रीकी टीम के पक्ष में आंकड़े हैं।
ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और श्रीलंका को अफ्रीकी टीम ने हराया
साल 2018 में भारत से सीरीज जीतने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने अपने घरेलू मैदान पर तीन बड़ी टीमों को रौंदा है। उसने ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और श्रीलंका को हराया है। उससे पहले श्रीलंका के खिलाफ एक बार सीरीज में हार भी मिली थी। उसे इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 3-1 से परास्त किया था।
2018 से दक्षिण अफ्रीका का सीरीज रिकॉर्ड
| साल |
खिलाफ |
परिणाम |
अंतर |
| 2018 |
ऑस्ट्रेलिया |
जीत |
3-1 |
| 2018-19 |
पाकिस्तान |
जीत |
3-0 |
| 2019 |
श्रीलंका |
हार |
0-2 |
| 2019-20 |
इंग्लैंड |
हार |
1-3 |
| 2020-21 |
श्रीलंका |
जीत |
2-0 |
भारत के पिछले दौरे के बाद दक्षिण अफ्रीका ने होम ग्राउंड पर 15 टेस्ट मैच खेले हैं। इस दौरान उसका रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है। क्रिकेटप्रेमियों के लिए खुशी की बात ये है कि सभी मैचों में नतीजे निकले हैं। 15 में नौ टेस्ट मैच अफ्रीकी टीम ने अपने नाम किए। उसे छह मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा।
भारत 29 साल में सिर्फ 3 टेस्ट मैच जीत सका
भारत के रिकॉर्ड की बात करें तो वह दक्षिण अफ्रीका में 1992 से अब 29 सालों में 20 टेस्ट मैच खेल चुका है। उसे सिर्फ तीन मुकाबलों में जीत मिली है। 10 मैचों में टीम इंडिया को हार मिली है तो 7 मैच ड्रॉ रहे हैं।
इन आंकड़ों को देखने के बाद यह साफ पता चल रहा है कि कागज पर कमजोर दिखने वाली अफ्रीकी टीम होमग्राउंड पर आज भी मजबूत है। उसके पास कगिसो रबाडा, एनरिच नोर्त्जे और लुंगी एंगिडी जैसे तूफानी गेंदबाज हैं तो क्विंटन डीकॉक, डीन एल्गर, रसी वान डर डुसेन और टेम्बा बावुमा के रूप में मजबूत बल्लेबाज हैं। ऐसे में सीरीज जीतने के लिए भारत के सामने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में किए गए अपने प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती होगी।