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IND vs PAK: अपने 100वें टी20 में पाकिस्तान को धोने उतरेंगे कोहली, सात पारियों में तीन बार रहे मैन ऑफ द मैच

Thu, 25 Aug 2022 03:54 PM IST
रोहित राज स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ संकट की घड़ी में इस देश के प्रमुख गेंदबाजों को निशाना बनाया है। पाक के खिलाफ जब वह खेलने उतरेंगे तो इस देश के खिलाफ कठिन परिस्थितियों उनकी पिछली पारियां उन्हें उनकी फॉर्म से उबरने का हौसला प्रदान करेंगी।
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विराट कोहली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विराट कोहली के बल्ले से भले ही नवंबर 2019 से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कोई शतक नहीं निकला हो, लेकिन 28 अगस्त को एशिया कप में पाकिस्तान से होने वाले महामुकाबले में निगाहें एक बार फिर इस दिग्गज पर होंगी। एक तो विराट का यह 100वां टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच होगा। दूसरा टी-20 में पाकिस्तान के खिलाफ उनका बल्ला जमकर बोला है। विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ सात टी-20 मैच खेले हैं, जिनमें वह तीन में मैन ऑफ द मैच रहे।
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विराट ने पाक के खिलाफ 77.75 की औसत से 311 रन बनाए हैं। एशिया कप में भी पाक के खिलाफ विराट का बल्ला खूब चला है। उन्होंने इस टूर्नामेंट में पाक के खिलाफ चार मैच खेले हैं, जिसमें दो में वह मैन ऑफ द मैच रहे हैं। वनडे क्रिकेट में अपनी 183 रन की सबसे बड़ी पारी इस बल्लेबाज ने 10 साल पहले एशिया कप में ही खेली थी। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के बाद सौ टी-20 अंतरराष्ट्रीय खेलने वाले विराट देश के दूसरे क्रिकेटर बन जाएंगे।

विराट कोहली - फोटो : सोशल मीडिया
पाक के खिलाफ अलग बल्लेबाज नजर आए हैं विराट
भारत-पाक मुकाबला आते ही पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम और विराट के बीच तुलनाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि वसीम अकरम कह चुके हैं कि बाबर को अभी लंबा सफर तय करना है। विराट का कद काफी ऊंचा है। बावजूद इसके भारत-पाक मैच में बाबर बेहतरीन फॉर्म के साथ आ रहे हैं, जबकि विराट को लंबे समय रनों के लिए जूझना पड़ रहा है। 

विराट पर यहां भी लोगों का मुंह बंद करने के लिए अच्छी पारी खेलने का मानसिक दबाव होगा। ऊपर से यह उनका सौवां मैच भी है। एक बात जो इस बल्लेबाज के पक्ष में जाती है, वह यह है कि पाकिस्तान के खिलाफ वह एक अलग ही रूप में बल्लेबाजी करते आए हैं। बीते वर्ष टी-20 विश्व कप में दुबई में हुए मैच में भारत को पाक के हाथों 10 विकेट से हार जरूर मिली, लेकिन विराट ने यहां भी 57 रन की पारी खेली थी।

विराट कोहली और शाहिद अफरीदी - फोटो : सोशल मीडिया
एशिया कप में पाक से खेले एक टी-20 में रहे मैन ऑफ द मैच
विराट ने पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप में 2016 में एक ही टी-20 मैच खेला है, लेकिन यहां भी उन्होंने 49 रन की पारी खेल भारत को जिताया और मैन ऑफ द मैच भी रहे। 2021 के टी-20 विश्व कप में शाहीन आफरीदी पर आगे बढ़कर लांग ऑन पर लगाया छक्का हो या फिर 2016 के टी-20 विश्व कप में कोलकाता में कहर बरपा रहे मोहम्मद आमिर पर लगाए गए कलात्मक ड्राइव। 

विराट ने पाक के खिलाफ संकट की घड़ी में इस देश के प्रमुख गेंदबाजों को निशाना बनाया है। पाक के खिलाफ जब वह खेलने उतरेंगे तो इस देश के खिलाफ कठिन परिस्थितियों उनकी पिछली पारियां उन्हें उनकी फॉर्म से उबरने का हौसला प्रदान करेंगी। रवि शास्त्री कह भी चुके हैं कि अगर विराट ने एशिया कप में पाक के खिलाफ अर्धशतक लगा दिया तो सभी के मुंह बंद हो जाएंगे।

विराट कोहली और बाबर आजम - फोटो : सोशल मीडिया
विराट की तुलना में फॉर्म में है बाबर
पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम की पिछले कुछ समय से विराट कोहली से तुलना की जा रही है। उन्हें पाकिस्तान में दूसरा विराट कोहली बोला जाता है, लेकिन अभी तक बीते वर्ष टी-20 विश्व कप के मैच में खेली गई 68 नाबाद रन की पारी को छोड़, उनका बल्ला भारत के खिलाफ नहीं चला है। 2018 के एशिया कप में भारत के खिलाफ वह दो वनडे खेले, जिसमें उन्होंने 47 और नौ रन की पारियां खेलीं, लेकिन विराट ने जब से फॉर्म खोई है तब से बाबर का बल्ला रन उगल रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (टेस्ट, वनडे, टी-20) में उन्होंने अपनी पिछली 11 पारियों में से नौ में दो शतक और सात अर्धशतक लगाए है। वह जबरदस्त फॉर्म में हैं।
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विराट कोहली - फोटो : सोशल मीडिया
2014 जैसा बुरा नहीं यह दौर : विराट
विराट कोहली मानते हैं कि यह उनका उतार-चढ़ाव का समय जरूर चल रहा है, लेकिन 2014 के इंग्लैंड दौरे की तरह उन्हें अपने खेल या तकनीक में सुधार करने की जरूरत महसूस नहीं हो रही है। वह जानते हैं कि उनके लिए यह उतार-चढ़ाव का समय चल रहा है। उन्होंने कहा, जैसे ही वह इससे उबरेंगे। वह फिर एकसमानता से खेलने लगेंगे और रन बनाने लगेंगे। उनका अनुभव यही कहता है।

विराट कहते हैं कि उन्होंने इस दौरान पाया है कि उनके खेल में 2014 की तरह इस बार कोई तकनीकी खामी नहीं है, जिस पर वह काम कर सकें। इंग्लैंड में आठ साल पहले समस्या आई थी तब उन्होंने इस पर घंटों, दिनों अभ्यास और काम किया और इसे दूर किया। उसके बाद उन्होंने रनों का अंबार लगाया, लेकिन इस बार समस्या ऐसी नहीं है। उन्हें ज्यादा कुछ अपनी तकनीक पर काम करने की जरूरत नहीं है। इस लिहाज से 2014 की तुलना में इस चरण में उनके लिए उबरना आसान है। वह वर्तमान दौर को पीछे नहीं रखना चाहते हैं। वह इस दौर से सीख रहे हैं। वह यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक खिलाड़ी और इंसान होने के नाते उनमें मुख्य चीजें क्या हैं।
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