न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में करारी शिकस्त के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने वाशिंगटन सुंदर को टीम में शामिल किया। उन्हें पुणे और मुंबई टेस्ट के लिए टीम का हिस्सा बनाया गया। अब असिस्टेंट कोच रेयान डेशकाटे ने इसके पीछे की वजह का खुलासा किया है।
कोच ने बताई वजह
डेशकाटे ने कहा- हमारी टीम में अक्षर भी है। हम चाहते थे कि कोई ऐसा व्यक्ति हो जो गेंद को न्यूजीलैंड के बाएं हाथ के बल्लेबाजों से दूर ले जा सके। हम वह विकल्प चाहते हैं। यह देखकर अच्छा लग रहा है कि रणजी ट्रॉफी में अच्छा करने वाले खिलाड़ियों को मौका मिल रहा है।
रणजी में गरजे सुंदर
सुंदर जबरदस्त फॉर्म में नजर आ रहे हैं। हाल ही में रणजी ट्रॉफी में तमिल नाडु के लिए खेलते हुए उन्होंने शतक जड़ा था। 269 गेंदों में युवा खिलाड़ी ने 152 रन बनाए थे। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए सुंदर ने 19 चौके और छह छक्के लगाए थे। बता दें कि, आखिरी बार उन्हें भारत के लिए मार्च 2021 में खेलते देखा गया था। 2020-21 में गाबा में भारत की ऐतिहासिक जीत में सुंदर ने अहम भूमिका निभाई थी। चार मुकाबलों में उन्होंने तीन अर्धशतकों की मदद से 265 रन बनाए थे। अब लंबे वक्त के बाद उनकी टीम में वापसी हुई है।
बंगलूरू टेस्ट की दूसरी पारी में अप्रभावी रहे सिराज
इस दौरान डेशकाटे ने तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि, सिराज ने दूसरी पारी में शानदार गेंदबाजी की। हमारी आखिरी सुबह वाकई बेहतरीन थी। उन्हें कोई विकेट नहीं मिला, जो जाहिर तौर पर उनकी सबसे बड़ी ताकत है, खासकर बाएं हाथ के बल्लेबाजों को निशाना बनाना। शायद यह वह जवाब नहीं है जो आप सुनना चाहते हैं, लेकिन कहने के लिए कुछ भी नहीं है। जैसे कि वह अच्छी गेंदबाजी नहीं कर रहा है या उसकी लय अच्छी नहीं है। और शायद वह थोड़े से बुरे दौर से गुजर रहा है।
दूसरी पारी में सिराज को नहीं मिली कोई सफलता
उन्होंने आगे कहा, लेकिन कोई चिंता नहीं है। मुझे यकीन है कि अगर उसे यहां मौका दिया जाता है, तो हमारे पास कुछ सामरिक चीजें हैं जिन पर हमें काम करना होगा, विकेट के चारों ओर आना और स्टंप को थोड़ा और चुनौती देना। लेकिन उसकी गति अच्छी है, उसकी सटीकता अच्छी है। और मुझे लगता है कि दूसरी पारी में वह शानदार था। बता दें कि, बंगलूरू टेस्ट की दूसरी पारी में सिराज कुछ खास प्रभाव नहीं दिखा पाए। एक तरफ बुमराह को दो सफलताएं हाथ लगीं, तो दूसरी तरफ युवा गेंदबाज को खाली हाथ लौटना पड़ा। इसने उनके प्रदर्शन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।