भारत के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने सोमवार को यहां संकेत दिए कि टीम प्रबंधन आगे कुछ कड़े फैसले ले सकता है और उन्होंने खिलाड़ियों के साथ स्पष्ट संवाद पर जोर दिया। सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को न्यूजीलैंड के खिलाफ पूरी टेस्ट शृंखला के लिए विश्राम दिया गया जबकि कप्तान विराट कोहली पहले मैच में नहीं खेले थे। रवि शास्त्री से कमान संभालने के बाद द्रविड़ की कोच के रूप में यह पहली टेस्ट शृंखला थी जिसमें मयंक अग्रवाल और श्रेयस अय्यर ने एक-एक शतक लगाया। अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा पर दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले टीम में अपनी जगह बचाये रखने का दबाव है और ऐसे में द्रविड़ की टिप्पणी महत्वपूर्ण है।
द्रविड़ ने कहा, ‘युवा खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और चयन को लेकर यह अच्छा सिरदर्द है। प्रत्येक अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है और हर कोई एक दूसरे के लिए कड़ी चुनौती पेश कर रहा है। मुझे उम्मीद है कि हमारा यह सिरदर्द और बढ़ेगा और हमें कुछ कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं लेकिन जब तक हमारा स्पष्ट संवाद रहता है और हम खिलाड़ियों को समझाते हैं कि ऐसा क्यों हुआ तब तक कोई समस्या नहीं है।’
बायें हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले से अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में पांच विकेट लिये और दूसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। जयंत यादव ने दूसरे टेस्ट मैच में पांच विकेट लिए जिसमें दूसरी पारी के चार विकेट शामिल हैं। द्रविड़ ने कहा कि शृंखला की जीत को एकतरफा कहना गलती होगी। द्रविड़ ने कहा कि खिलाड़ी प्रत्येक मैच में सुधार करने के लिए बेताब हैं।
उन्होंने कहा, ‘यह देखकर अच्छा लगा कि खिलाड़ी मौकों का फायदा उठाने के लिये तत्पर हैं। टीम में कुछ सीनियर खिलाड़ी नहीं थे लेकिन उनकी जगह लेने वाले खिलाड़ियों को श्रेय जाता है। जयंत को तीसरे दिन जूझना पड़ा था लेकिन उन्होंने उससे सबक लेकर अच्छा प्रदर्शन किया।’ द्रविड़ ने कहा, ‘मयंक, श्रेयस, सिराज जिन्हें बहुत अधिक मौके नहीं मिले। अक्षर को गेंदबाजी के अलावा के बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन करते हुए देखना अच्छा लगा। इससे हमारे पास कई विकल्प हो गए हैं। इससे हमें मजबूत टीम बनाने में मदद मिलेगी।’
बल्लेबाजी अभ्यास के कारण नहीं दिया फॉलोऑन
भारत ने न्यूजीलैंड को पहली पारी में 62 रन पर आउट करने के बावजूद फालोऑन नहीं दिया और द्रविड़ ने इस फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास पर्याप्त समय था और इसलिए फालोऑन देने के बारे में नहीं सोच रहे थे। टीम में कई युवा बल्लेबाज हैं और हम उन्हें इस तरह की परिस्थितियों में बल्लेबाजी का मौका देना चाहते थे।’