भारत के लिए कैसा रहा मैच
सकारात्मक पहलूः पावरप्ले में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। शुरुआती चार ओवरों में आयरलैंड के तीन विकेट गिरे और यह टीम सिर्फ 22 रन बना पाई। युजवेन्द्र चहल ने तीन ओवर में सिर्फ 11 रन दिए और एक विकेट लिया। वहीं, भुवनेश्वर कुमार ने भी तीन ओवर में 16 रन देकर ओक विकेट झटका। उन्होंने एक मेडन ओवर भी फेंका। बल्ले के साथ दीपक हुड्डा ने कमाल किया। उन्होंने पारी की शुरुआत की और भारत को जीत दिलाकर ही लौटे। हुड्डा ने 29 47 रन बनाए। ईशान किशन ने 11 गेंद में 26 और कप्तान हार्दिक ने 12 गेंद में 24 रन की पारी खेली।
हार्दिक पांड्या बतौर कप्तान भी सुपरहिट रहे। उन्होंने टॉस जीतने के बाद समझदारी के साथ गेंदबाजी चुनी। इसके बाद खुद पर भरोसा जताया और दूसरा ओवर किया। दूसरी ही गेंद पर विकेट भी चटकाया। बल्ले के साथ भी उन्होंने फिनिशर का रोल बखूबी निभाया। छोटा लक्ष्य था और ओवर कम थे। इस वजह से ऋतुराज को बल्लेबाजी के लिए नहीं भेजा।
नकारात्मक पहलूः भुवनेश्वर कुमार और युजवेन्द्र चहल को छोड़ सभी भारतीय गेंदबाज बहुत महंगे साबित हुए। आवेश खान ने 11, अक्षर पटेल ने 12, हार्दिक ने 13 और उमरान मलिक ने 14 की इकोनॉमी से रन खर्चे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उमरान पहले ही ओवर में 14 रन लुटा दिए। इसके बाद हार्दिक ने उन्हें गेंदबाजी नहीं दी। बल्लेबाजी में सुर्यकुमार यादव कुछ खास नहीं कर पाए और पहली ही गेंद पर आउट हो गए। हार्दिक ने भी शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन मैच नहीं खत्म कर पाए। अंत में कार्तिक ने आकर मैच खत्म किया।
आयरलैंड के लिए कैसा रहा मैच
सकारात्मक पहलूः हैरी टेक्टर ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए 33 गेंद में 64 रन की पारी खेली। उन्होंने छह चौके और तीन छक्के लगाए और अंत तक नाबाद रहे। उनकी शानदार पारी की बदौलत आयरलैंड की टीम 108 रन का बड़ा स्कोर बना पाई। गेंदबाजी में मार्क अडायर ने कंजूसी से रन खर्चे तो क्रैग यंग ने दो अहम विकेट निकाले।
नकारात्मक पहलूः टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज पॉल स्टर्लिंग इस मैच में फ्लॉप रहे। उन्होंने सिर्फ चार रन बनाए। कप्तान बालबिर्नी तो खाता तक नहीं खोल सके। डेनली नौ गेंद में आठ रन बनाकर आउट हुए। इसी वजह से पावरप्ले में यह टीम तीन विकेट गंवाकर 22 रन ही बना पाई। गेंदबाजी में जोशुआ लिटिल ने 16.70 के इकोनॉमी रेट से 14 गेंद में 39 रन लुटा दिए। मैकब्रिन ने भी एक ओवर में 21 रन खर्चे।