इंग्लैंड के खिलाफ जारी पांच टेस्ट की सीरीज में यशस्वी जायसवाल ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने दो टेस्ट मैचों में लगातार दो दोहरे शतक ठोक कर इतिहास रच दिया। ऐसा ही प्रदर्शन तीसरे टेस्ट में डेब्यू करने वाले सरफराज खान ने किया। उन्होंने दोनों पारियों में अर्धशतक ठोका। उनके शानदार प्रदर्शन की तारीफ क्रिकेट जगत के तमाम दिग्गजों ने की है। इस बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली ने भी जायवाल और सरफराज की तारीफ में कसीदे पढ़ते हुए उन्हें युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया है।
इंग्लैंड के खिलाफ 22 वर्षीय बल्लेबाज यशस्वी ने अब तक 545 रन बनाए हैं। वह इस सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। जायसवाल की जबरदस्त फॉर्म को देखते हुए गांगुली ने विश्वास जताया कि व क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए खेल सकते हैं। पूर्व कप्तान ने कहा, 22 साल का ये क्रिकेटर क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट खेल सकता है।
तीन टेस्ट मैचों में यशस्वी ने बनाए खास रिकॉर्ड
तीन टेस्ट मैचों में यशस्वी ने लगातार दो दोहरे शतक लगाए। ऐसा करने वाले वह भारत के तीसरे बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस मामले में विनोद कांबली और विराट कोहली की बराबरी की। इसके अलावा उन्होंने टेस्ट की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में पाकिस्तानी दिग्गज वसीम अकरम की संयुक्त रूप से बराबरी कर ली है। अकरम ने 1996 में जिम्बाब्वे के खिलाफ शेखपुरा (पाकिस्तान) में 12 छक्के मारे थे।
'विदेशी धरती पर होगी असली परीक्षा'
इसके अलावा गांगुली ने सरफराज खान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज की असली परीक्षा विदेशी धरती पर होगी। गांगुली का मानना है कि दोनों बल्लेबाजों ने भारत के लिए दमदार प्रदर्शन किया है। पूर्व बल्लेबाज ने कहा, सरफराज ने अच्छी शुरुआत की है। उन्हें अब विदेशों में भी रन बनाने हैं। सरफराज उभरते क्रिकेटरों के लिए एक अच्छा उदारण हैं, जिन्हें ध्यान रखना होगा कि अगर वे लगातार स्कोर करेंगे तो उन्हें मौके मिलेंगे।
भारतीय परिस्थितियों में 'बैजबॉल' का सफल होना मुश्किल
भारत और इंग्लैंड के बीच जारी इस सीरीज में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन के साथ 2-1 की बढ़त दर्ज कर ली है। रोहित शर्मा की अगुवाई में भारतीय टीम ने बैजबॉल के लिए मशहूर बेन स्टोक्स की टीम को करारी शिकस्त दी है। इस पर गांगुली ने अपनी राय दी है। उन्होंने बताया कि भारतीय परिस्थितियों में 'बैजबॉल' का सफल होना मुश्किल है। उन्होंने कहा, "बैजबॉल अच्छा है, लेकिन इंग्लैंड के लिए भारतीय परिस्थितियों में सफल होना मुश्किल है। अगर भारत सीरीज हार जाए तो मुझे आश्चर्य होगा।"