भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला एजबेस्टन में एक से पांच जुलाई तक खेला गया था। इंग्लैंड ने मुकाबले को जीतकर सीरीज को 2-2 से बराबर कर दिया। इस मैच के दौरान नस्लभेद का मामला सामने आया था। मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उसने एक आदमी को गिरफ्तार कर लिया है।
बर्मिंघम पुलिस ने एक बयान में कहा, "सोमवार को बर्मिंघम में टेस्ट मैच में नस्लवादी, अपमानजनक व्यवहार की रिपोर्ट के बाद एक 32 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। वह पूछताछ के लिए हिरासत में है।"
ईसीबी ने दी थी जानकारी
सोशल मीडिया पर कई शिकायतों के बाद इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने नस्लभेद टिप्पणी मामले की जानकारी दी थी। ईसीबी ने ट्वीट कर बताया था कि सीरीज के आखिरी मैच के दौरान नस्लभेद का मामला सामने आया है। एजबेस्टन में अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच की। एक आदमी के गिरफ्तार होने के बाद जांच जारी है।
भारतीय फैन ने की थी शिकायत
एक भारतीय फैन ने सोशल मीडिया पर अपने साथ हुई बदसलूकी के बारे में बताया था। उन्होंने खुलासा किया था कि मैच के दौरान दर्शक उन्हें करी और पाकिस्तानी कहकर बुला रहा था। उन्होंने गार्ड को इस बारे में जानकारी दी और कई बार उस व्यक्ति की पहचान भी कराई जो उनके ऊपर नस्लभेदी टिप्पणी कर रहा था, लेकिन गार्ड ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इंग्लैंड क्रिकेट में पहले भी आ चुके हैं नस्लभेद के मामले
पिछले साल इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन पर भी नस्लभेद के आरोप लगे थे। आदिल राशिद ने भी इन आरोपों का समर्थन किया था। इससे पहले यॉर्कशायर के सीईओ और एसेक्स काउंटी के अध्यक्ष पर भी नस्लभेद के आरोप लगे थे। इन दोनों पदों से संबंधित व्यक्तियों को इस्तीफा देना पड़ा था। माइकल वॉन सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर के साथ सोशल मीडिया पर अक्सर उनकी नोक-झोंक होती रहती है।
यॉर्कशायर के पूर्व क्रिकेटर तबस्सुम भट्टी ने खुलासा करते हुए बताया था कि पाकिस्तानी मूल का होने के कारण उन्हें कई बार नस्लभेद का सामना करना पड़ा था। एक बार कुछ खिलाड़ियों ने उनके सिर पर पेशाब कर दी थी। इस खुलासे के बाद काफी बवाल हुआ था।