भारत और इंग्लैंड के बीच इसी साल अगस्त-सितंबर में पांच टेस्ट की सीरीज खेली गई थी। टीम इंडिया ने सीरीज पर 2-1 से बढ़त बना ली थी, लेकिन कोरोना के कारण पांचवां और आखिरी टेस्ट रद्द करना पड़ा। यह मैच मैनचेस्टर में खेला जाना था। इसके बाद दोनों टीमों की ओर से अलग-अलग दावे किए गए। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कहा कि यह सीरीज भारत ने जीती।
वहीं, इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने कहा कि रद्द होने के कारण उनकी टीम ने मुकाबला जीता और सीरीज 2-2 से बराबर हो गई। इंग्लैंड चाहता था कि मैच नहीं खेलने पर टीम इंडिया को हार मिलनी चाहिए। वहीं, बीसीसीआई ने इंग्लैंड के सामने बचे हुए टेस्ट को अगले साल जुलाई में खेलने का प्रस्ताव रखा है। उसी महीने में टीम इंडिया को इंग्लैंड दौरे पर सीमित ओवरों की सीरीज भी खेलनी है।
बाद में आईसीसी के हस्तक्षेप करने पर दोनों टीमों ने हालांकि, अपने-अपने बयान वापस ले लिए। दोनों बोर्ड ने अपनी-अपनी शिकायतें आईसीसी को बताई हैं। अब आईसीसी ही इस सीरीज के नतीजे पर फैसला लेगा। काउंसिल इसके लिए अगले महीने टी-20 वर्ल्ड कप के बाद मीटिंग करेगा।
दरअसल, टीम इंडिया ने इंग्लैंड दौरे पर पांच की जगह चार टेस्ट खेले थे। पहला ड्रॉ रहा था, जबकि दूसरा भारतीय टीम ने 151 रन से जीता था। तीसरा मैच इंग्लैंड ने पारी और 76 रन से अपने नाम किया था। वहीं, चौथा टेस्ट भारतीय टीम ने 157 रन से जीता था।
सीरीज का आखिरी और निर्णायक टेस्ट 10 सितंबर से मैनचेस्टर में खेला जाना था, लेकिन उससे पहले ही भारतीय टीम में कोरोना ने सेंध लगा दी थी। इसके बाद विराट कोहली की टीम इंडिया ने पांचवां मैच खेलने से इनकार कर दिया।
इंग्लैंड दौरे के दौरान भारत के मुख्य कोच रवि शास्त्री कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद उन्हें और उनके करीबी संपर्क माने गए मुख्य फिजियो नितिन पटेल, गेंदबाजी कोच भरत अरूण और क्षेत्ररक्षण कोच आर श्रीधर को क्वारंटीन में भेजा गया था।
पटेल की गैरमौजूदगी में सहायक फिजियो योगेश परमार ने टीम की जिम्मेदारी संभाली, लेकिन बाद में वह भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद मैनचेस्टर में होने वाले पांचवें और अंतिम टेस्ट को रद्द कर दिया गया। इस सीरीज का विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की रैंकिंग पर भी असर पड़ेगा।