भारत ने भले ही लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की हो लेकिन विराट कोहली की फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है। इंग्लैंड की धरती पर अब तक उनकी खेली गई पांच टेस्ट पारियों की बात की जाए तो उन्होंने 44, 13, 0, 42, और 20 रन बनाए हैं। विराट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में करीब दो साल से शतक नहीं लगा पाए हैं। इस दौरान उनकी खराब फॉर्म के देखते हुए पूर्व बल्लेबाज सचिन तेदुलकर ने बयान दिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई से उन्होंने बात करते हुए कहा, फॉर्म सिर्फ एक अवस्था है जो शरीर के सद्भाव के साथ काम करती है।
मास्टर ब्लास्टर ने आगे कहा, विराट कोहली की शुरुआत अच्छी नहीं रही। यह दिमाग ही है जो तकनीकी खामियों की ओर ले जाता है और यदि शुरुआत अच्छी नहीं है, तो आप बहुत सी चीजों के बारे में सोचना शुरू कर देते हैं, क्योंकि चिंता का स्तर अधिक होने से आप भरपाई करने की कोशिश करते हैं, जब एक बल्लेबाज फॉर्म में नहीं होता है तो उसके पैर चलना बंद हो जाते हैं, ये सबके साथ होता है, फॉर्म एक मानसिक स्थिति है जो शरीर की समरसता के साथ मिलकर काम करती है।
इस दौरान सचिन तेंदुलकर ने लॉर्ड्स टेस्ट में चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे बीच हुई 100 रनों की साझेदारी की तारीफ की। यह पुजारा और रहाणे का कमाल था जिन्होंने चौथे दिन भारत को टेस्ट मैच जीतने की रेस में बनाए रखा। सचिन ने कहा इन दोनों बल्लेबाजों ने बहुत ही नाजुक समय में शानदार बल्लेबाजी की। पुजारा और रहाणे उस वक्त बल्लेबाजी करने आए थे जब भारत के 28 रनों पर 3 विकेट गिर गए थे, दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय पारी को मजबूत किया।
सचिन ने आगे कहा, दोनों बल्लेबाजों का विचार वही करना था जो टीम के लिए अच्छा हो और उन्होंने वही किया, लेकिन जब ऐसा किया जाता है तो बाकी चीजों का ध्यान रखना होता है, इस तरह की मुश्किल स्थिति में आप चाहते हैं आपके सभी बल्लेबाज बेहतर करें लेकिन यह यह हमेशा संभव नहीं है।