भारत को इस महीने बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। इसके लिए अभी तक भारतीय टीम का एलान नहीं हुआ है। हालांकि, उससे पहले दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट में भारत के कई स्टार खिलाड़ी नजर आएंगे। इस टूर्नामेंट को बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज के लिए टीम चयन का आधार माना जा रहा है। बांग्लादेश की टीम ने हाल ही में पाकिस्तान को 2-0 से क्लीन स्वीप कर तहलका मचाया है। ऐसे में इस टीम से कड़ी चुनौती की उम्मीद की जा रही है। खासतौर पर बांग्लादेश के स्पिनर्स कड़ी टक्कर दे सकते हैं। इस चुनौती को लेकर शुभमन गिल ने बयान दिया है। गिल ने कहा है कि स्पिनर्स के खिलाफ उन्होंने डिफेंस मजबूत की है।
शुभमन गिल का मानना है कि उनका टेस्ट करियर अभी तक उम्मीदों के मुताबिक शिखर पर नहीं पहुंचा है, लेकिन आगामी सत्र में 10 टेस्ट मैचों में स्पिनरों के खिलाफ उनके डिफेंस में सुधार की उम्मीद है। गिल ने इस साल इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में करीब 500 रन बनाए थे जो अभी तक टेस्ट क्रिकेट में उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। अब वह 19 सितंबर से बांग्लादेश के खिलाफ शुरू हो रही दो मैचों की सीरीज में इसे और बेहतर बनाना चाहते हैं जिसमें उन्हें मेहमान टीम के अनुभवी स्पिनरों से चुनौती मिलेगी।
दलीप ट्रॉफी में टीम ए की अगुआई करने वाले गिल ने बुधवार को कहा, 'मैंने स्पिनरों के खिलाफ अपने डिफेंस पर थोड़ा और काम किया। जब आप स्पिनरों के खिलाफ ‘टर्निंग’ पिच पर खेल रहे होते हैं तो आपको काफी अच्छा रक्षण करने में सक्षम होना चाहिए क्योंकि फिर आप रन जुटाने वाले शॉट खेल सकते हैं।'
उन्होंने कहा, 'अभी काफी अधिक टी20 खेले जा रहे हैं तो सपाट ट्रैक नहीं बल्कि बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर मुझे लगता है इससे आपका डिफेंसिव खेल थोड़ा कम हो जाता है। इसलिए इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में मेरा ध्यान इसी पर लगा है।' गिल सफेद गेंद के प्रारूपों में धमाकेदार रहे हैं, लेकिन इस 24 साल के खिलाड़ी को टेस्ट प्रारूप में अभी धमाका करना बाकी है और उन्हें जल्द ही इसमें बदलाव की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, 'टेस्ट क्रिकेट में मेरा प्रदर्शन अभी तक मेरी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। लेकिन हमें इस सत्र में 10 टेस्ट मैच खेलने हैं और जब मैं इन मुकाबलों के बाद मुड़कर देखूंगा तो आशा करता हूं कि मेरी उम्मीदें पूरी हो जाएंगी।' गिल बतौर खिलाड़ी और व्यक्तिगत तौर पर भी परिपक्व होने पर जोर देते हैं।
उन्होंने भारत की कप्तानी और इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटन्स की कप्तानी के संदर्भ में बात करते हुए कहा, 'आप जिस भी प्रत्येक मैच और प्रत्येक टूर्नामेंट में खेलते हो आप इसमें से कुछ सीख लेना चाहते हो, भले ही आप कप्तान हो या नहीं। लेकिन अगर आप कप्तान हो तो आपको अन्य खिलाड़ियों के बारे में भी जानने को मिलता है। कप्तान के लिए खिलाड़ियों से जुड़ाव होना महत्वपूर्ण है।' उन्होंने कहा, 'आपको उनकी मजबूती और कमजोरी के बारे में जानना चाहिए। मेरे अंदर कुछ बदलाव हुए हैं क्योंकि जब आप कप्तान या उप कप्तान होते हो तो आपको अपने खिलाड़ियों से बातचीत करनी होती है।'