अतुल कसबेकर नाम के एक्स यूजर ने लिखा- अहमदाबाद की भीड़ बकवास थी। रात में दिखावा करने वालों के बजाय स्टेडियम के अंदर उचित फैंस की आवश्यकता है। वानखेड़े के शानदार फैंस और उचित फैंस की तरह। जिस तरह वानखेड़े में न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में कैच छूटने के बाद टीम का हौसला बढ़ाया और खासकर शमी का।
बिना रुके उनके नाम को चीयर किया गया, उनका और टीम का हौसला बढ़ाया, उन्हें ऊर्जावान बनाया। जब लग रहा था कि कीवीज जीत जाएंगे। तब वानखेड़े की भीड़ ने शमी का हौसला बढ़ाया। आखिरकार शमी को 7 विकेट विकेट मिले। पिछली बार जब हम मुंबई में विश्व कप फाइनल के लिए गए थे तो हम जीत गए थे। अपने स्थान सोच-समझकर चुनें।
हालांकि, इस पोस्ट के बाद कई और प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। कुछ फैंस जहां अतुल के बयान की आलोचना कर रहे हैं। वहीं, कुछ फैंस का कहना है कि सिर्फ वानखेड़े ही क्यों, कोलकाता समेत भारत में कई और मैदान भी मौजूद हैं।
अहमदाबाद में भारत का यह इस विश्व कप में दूसरा मैच था। 14 अक्तूबर को टीम इंडिया ने इसी मैदान पर पाकिस्तान को सात विकेट से शिकस्त दी थी। अब ऑस्ट्रेलिया से उसी मैदान पर हार का सामना करना पड़ा। अहमदाबाद दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है और करीब 1 लाख 30 हजार दर्शकों के सामने भारतीय टीम को हार झेलनी पड़ी। वहीं, 2011 में जब हम पिछली बार फाइनल खेले थे तो वानखेड़े स्टेडियम में खेले थे। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया था।