भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चैंपियंस ट्रॉफी का पहला सेमीफाइनल मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच में भारतीय टीम के मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने कंगारुओं के ओपनिंग बल्लेबाज ट्रेविस हेड को अपना शिकार बनाकर भारतीय प्रशंसकों का दिल जीत लिया है।
ट्रेविस हेड-शुभमन गिल-वरुण चक्रवर्ती
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वरुण ने कसा हेड पर शिकंजा
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत झटके के साथ हुई। तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने तीसरे ओवर में कूपर कोनॉली को अपना शिकार बनाया। वह बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। इसके बाद मोर्चा ट्रेविस हेड और स्टीव स्मिथ ने संभाला। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 32 गेंदों में 50 रनों की साझेदारी हुई। हेड दमदार प्रदर्शन करते नजर आ रहे थे, लेकिन पारी का नौवां ओवर फेंकने आए वरुण चक्रवर्ती ने 31 वर्षीय बल्लेबाज को अपना शिकार बनाया। उन्होंने हेड को शुभमन गिल के हाथों कैच कराया। वह 33 गेंदों में 39 रन बना सके।
कीवियों पर भी भारी पड़े थे वरुण
33 वर्षीय गेंदबाज ने इसी साल वनडे में भारत के लिए डेब्यू किया है। उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी में हर्षित राणा की जगह कप्तान रोहित शर्मा ने प्लेइंग 11 में मौका दिया। न्यूजीलैंड के खिलाफ मिले इस मौके को भुनाने में वह कामयाब भी हुए और 42 रन देकर पांच विकेट लिए। चैंपियंस ट्रॉफी में डेब्यू मैच पर यह किसी गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उनकी इस घातक गेंदबाजी की बदौलत भारत ने 44 रन से जीत दर्ज की थी।
केकेआर कोटा पर निशाना साधने वालों को वरुण ने दिया जवाब
वरुण चक्रवर्ती को मौका देने के लिए कुछ समय पहले तक मुख्य कोच गौतम गंभीर की आलोचना हो रही थी। उन पर आरोप लगे कि टीम में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाड़ियों को ज्यादा मौके दिए जा रहे हैं। हर्षित राणा के डेब्यू, वरुण चक्रवर्ती की वापसी और गंभीर के श्रेयस अय्यर के समर्थन में उतरने ने इसमें अहम भूमिका निभाई थी। इसके लिए गंभीर की कई बार आलोचना हुई, लेकिन अब न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच के बाद फैंस ने गंभीर पर यू-टर्न ले लिया है। फैंस का मानना है कि गंभीर का फैसला सही साबित हुआ है।
वरुण ने कीवियों पर जीत में अहम भूमिका निभाई और पांच विकेट झटके। इसके बाद उन्होंने भारत के सबसे बड़े दुश्मन माने जा रहे ट्रेविस हेड को आते ही चलता किया। उनकी घातक गेंदबाजी ने फैंस का दिल जीत लिया है।
सात तरह की गेंदें फेंकने में माहिर वरुण
वरुण ने 13 साल की उम्र में खेलना शुरू किया था और 17 साल की उम्र तक विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर खेलते रहे। हालांकि ग्रुप क्रिकेट में लगातार दरकिनार किए जाने के बाद उन्होंने क्रिकेट छोड़कर पढाई की तरफ ध्यान लगाया। उन्होंने चेन्नई के एक कॉलेज से आर्किटेक्चर में पांच साल का कोर्स किया और फिर अच्छे पैकेज पर फ्रीलांस आर्किटेक्ट के तौर पर नौकरी करने लगे।
इसी दौरान उन्होंने फिर से टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया और तेज गेंदबाजी करने लगे, लेकिन फिर चोटिल होने की वजह से उन्हें स्पिन गेंदबाजी की तरफ रुख करना पड़ा। वरुण ने स्पिन गेंदबाजी में कई विविधताओं को लाना शुरू कर दिया और एक मिस्ट्री स्पिनर बन गए। वरुण के मुताबिक वे सात तरह की गेंदें डाल सकते हैं। उनके मुताबिक वे लेग ब्रेक, ऑफ ब्रेक, गूगली, कैरम बॉल, फ्लिपर, यॉर्कर और टॉप स्पिनर डाल सकते हैं।
वरुण तब चर्चा में आए जब उन्होंने टीएनपीएल (तमिलनाडु प्रीमयर लीग) में 240 गेंदें फेंकी थी, जिसमें से उन्होंने रिकॉर्ड 125 डॉट बॉल डाले थे। इसके अलावा विजय हजारे ट्रॉफी के ग्रुप स्टेज में इस गेंदबाज ने 4.23 की औसत से 22 विकेट चटकाए। उन्होंने 2018 में रणजी ट्रॉफी में तमिलनाडु की तरफ से डेब्यू किया। इसके बाद मुंबई इंडियंस के लिए ट्रायल दिए और नजर में आए।
वरुण का करियर
वरुण को साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू का मौका मिला। वह भारत के लिए अब तक दो वनडे और 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं। इनमें उन्होंने 39 विकेट हासिल किए हैं। वहीं, 71 आईपीएल मैचों में वह 83 विकेट अपने नाम कर चुके हैं।