Election Commission to States: केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने राज्यों की चुनावी मशीनरी को अहम निर्देश दिए हैं। आयोग ने राजनीतिक दलों के साथ नियमित बैठक करने को कहा है। बता दें कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने डुप्लीकेट वोटर आईडी पर आयोग से जवाब मांगा। आयोग की तरफ से जारी बयान को टीएमसी ने झूठा और अपने ही नियमों का उल्लंघन करार दिया।
केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने अहम दिशानिर्देश दिए हैं। अब सियासी दलों के साथ राज्य चुनाव मशीनरी नियमित बैठक करेगी। दोहरी वोटर आईडी पर TMC के सवालों के बाद आयोग ने स्पष्टीकरण जारी किया, जिसे तृणमूल कांग्रेस ने खारिज कर दिया। टीएमसी के मुताबिक यह आयोग के अपने ही नियमों और दिशानिर्देशों के खिलाफ है।
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राज्यों को 31 मार्च तक सभी मुद्दों पर रिपोर्ट देनी होगी
राज्यों के चुनाव अधिकारियों के एक सम्मेलन में केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने दिशानिर्देश दिए। आयोग ने मंगलवार को अपनी चुनाव मशीनरी से कहा कि राजनीतिक दलों के साथ नियमित बैठक कर प्रक्रिया के अनुसार मुद्दों का समाधान करें। आयोग ने राज्यों से 31 मार्च तक सभी मुद्दों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट जारी करने को कहा है। वरिष्ठ नौकरशाह ज्ञानेश कुमार के मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पदभार संभालने के बाद केंद्रीय आयोग ने पहला ऐसा सम्मेलन आयोजित किया है।
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भारत के 26वें चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
नए निर्वाचन आयुक्त ने राज्यों में अधिकारियों को दिए अहम दिशानिर्देश
ज्ञानेश कुमार ने अधिकारियों से पारदर्शी तरीके से काम करने और सभी वैधानिक दायित्वों को कानूनी ढांचे के मुताबिक पूरा करने को कहा। सीईसी ने अधिकारियों को राजनीतिक दलों के प्रति सुलभ और जवाबदेह रहने के निर्देश भी दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी पक्षों की नियमित बैठकें हों। राज्यों के सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग ऑफिसर और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों को अपनी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयोग के निर्देशों में इस बात का स्पष्ट उल्लेख भी है।
भारत निर्वाचन आयोग
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समान EPIC नंबर आवंटित होने पर चुनाव आयोग ने क्या कहा?
चुनाव आयोग की तरफ से रविवार को जारी स्पष्टीकरण में कहा गया, सभी राज्यों की मतदाता सूची डाटाबेस को इलेक्टोरल रोल मैनेजमेंट (ERONET) प्लेटफॉर्म पर भेजे जाने से पहले विकेंद्रीकृत और मैनुअल तरीके से कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाताओं को समान EPIC नंबर आवंटित हो गए।
संसद का बजट सत्र
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संसद में भी गूंजेगा मुद्दा; 10 मार्च से शुरू होने वाला है बजट सत्र का दूसरा चरण
एक सूत्र के मुताबिक विपक्षी दल इस मुद्दे को 10 मार्च से शुरू होने वाले संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में भी उठाने की तैयारी कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस 25 से अधिक विपक्षी दलों के गठबंधन- INDIA ब्लॉक में शामिल पार्टियों के संपर्क में है। टीएमसी के अलावा कई और दलों ने भी मतदाता सूची को लेकर चिंता जाहिर की है।
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दो मतदाता पहचान पत्रों की संख्या एक नहीं हो सकती
तृणमूल कांग्रेस ने डुप्लीकेट वोटर आईडी के मामले में चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण को 'छिपाने का प्रयास' करार दिया। आयोग के दिशानिर्देशों का जिक्र करते हुए पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल- तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि दो मतदाता पहचान पत्रों (EPIC) की संख्या एक जैसी नहीं हो सकती। इलेक्टोरल फोटो आइडेंटिटी कार्ड (EPIC) नंबरों में दोहराव को टीएमसी ने महाघोटाला करार दिया। पार्टी ने कहा है कि चुनाव आयोग को 24 घंटे के भीतर अपनी गलती स्वीकार करनी होगी।
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TMC ने गलती स्वीकारने के लिए 24 घंटे का समय दिया
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद साकेत गोखले ने मंगलवार को चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण का अंश साझा किया। गोखले ने चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों की किताब- 'निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों के लिए पुस्तिका' के अंश साझा कर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले टीएमसी ने आयोग को डुप्लीकेट मतदाता पहचान पत्र से जुड़ी धांधली के मामले में आयोग को गलती स्वीकारने के लिए 24 घंटे का समय दिया था। लेकिन ईसीआई के जवाब के बाद आयोग की पोल खुल चुकी है।
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बता दें कि इस मुद्दे को सबसे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उठाया था। क्रिकेट के मैदान से रिटायरमेंट के बाद सियासी चौसर पर उतरे तृणमूल सांसद कीर्ति आजाद ने भी सरकार को इस मुद्दे पर कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारियों और भाजपा नेताओं पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।