टर्निंग पॉइंट
वेड को मिला जीवनदान: 18वें ओवर की दूसरी गेंद पर हर्षल पटेल ने मैथ्यू वेड को जीवनदान दे दिया। वेड उस समय 23 रन बनाकर नाबाद थे। अगर वहां पर वेड आउट हो जाते तो आखिरी ओवरों में ऑस्ट्रेलिया दबाव में आ जाती। उस समय कंगारू टीम को जीत के लिए 11 गेंद पर 34 रन बनाने थे। वेड ने कैच छूटने के बाद तेजी से रन बनाए और मैच को फिनिश किया।
भारत की हार के बाद मैच से निकले मुख्य बिंदु:
गेंदबाजों को करना होगा सुधार: भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने इस मैच में छह गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। इनमें से पांच ने 11 से ज्यादा की इकोनॉमी रेट से रन लुटाए। सिर्फ अक्षर पटेल ने ही पांच से कम की इकोनॉमी से रन दिए। अक्षर ने चार ओवर में 17 रन देकर तीन विकेट लिए। वहीं, भुवनेश्वर कुमार ने चार ओवर में 52 रन लुटाए। उमेश यादव ने दो ओवर में 27 रन देकर दो विकेट लिए। युजवेंद्र चहल ने 3.2 ओवर में एक विकेट लेकर 42 रन दिए। हर्षल पटेल ने चार ओवर में 49 और हार्दिक पांड्या ने दो ओवर में 22 रन लुटाए।
डेथ ओवर में गेंदबाजी बनी समस्या: एशिया कप में भारत की सबसे बड़ी कमजोरी डेथ ओवर में गेंदबाजी थी। वह समस्या मोहाली में भी दिखी। चोट के बाद वापसी करने वाले हर्षल ने अंतिम ओवरों में जमकर रन लुटाए। यही हाल अनुभवी भुवनेश्वर कुमार का रहा। दोनों ने आठ ओवर में मिलकर 101 रन दे दिए। उन्हें सफलता भी नहीं मिली। भारत को इस मैच में जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह की कमी खेली। अर्शदीप ने एशिया कप में प्रभावित किया था।
खराब फील्डिंग को करना होगा ठीक: हाल के दिनों ऐसा कम ही मौकों पर देखा गया है कि भारतीय टीम ने खराब फील्डिंग की हो। इस मैच में टीम इंडिया की फील्डिंग को देखकर ऐसा लगा कि कोई क्लब की टीम मैदान पर खेल रही हो। भारतीय खिलाड़ियों ने तीन आसान कैच छोड़े। आठवें ओवर की तीसरी गेंद पर अक्षर पटेल ने हार्दिक पांड्या की गेंद पर कैमरून ग्रीन का कैच छोड़ा। नौवें ओवर की पांचवीं गेंद पर केएल राहुल ने अक्षर पटेल की गेंद पर स्टीव स्मिथ का कैच टपका दिया। 18वें ओवर में गेंदबाजी कर रहे हर्षल पटेल ने दूसरी गेंद पर मैथ्यू वेड का आसान कैच छोड़ दिया। भारत को टी20 वर्ल्ड कप से पहले फील्डिंग पर खास ध्यान देना होगा। अगर ऐसा नहीं हो पाता है तो टीम को बड़ा नुकसान हो सकता है।