जीत में आगे, जीत प्रतिशत में पीछे
डब्ल्यूटीसी के इस साइकिल में मैच जीतने के मामले में तो भारत आगे है, लेकिन उसने इसके लिए काफी मैच भी खेले हैं। ऐसे में जीत प्रतिशत 50 से कम है। आईसीसी के नए नियम के मुताबिक, ज्यादा टेस्ट जीतने से डब्ल्यूटीसी की अंक तालिका पर फर्क नहीं पड़ता। अब फर्क जीत प्रतिशत से पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के नियम के अनुसार अंक तालिका में टीमों के स्थान का फैसला जीत प्रतिशत के आधार पर किया जाता है। यानी किसने कितने मैच खेले हैं और उसमें उसे कितनी जीत, हार और ड्रॉ मिली है।
किस आधार पर मिलते हैं प्वाइंट
आईसीसी के नियमों के अनुसार एक मैच जीतने पर विजेता टीम को 12 प्वाइंट मिलते हैं। वहीं मैच ड्रॉ होने पर दोनों टीमों को चार-चार प्वाइंट मिलते हैं और हारने वाली टीम को कोई प्वाइंट नहीं मिलता है। मैच टाई होने पर दोनों टीमों को छह-छह प्वाइंट्स मिलते हैं। वहीं प्वाइंट्स टेबल की रैंकिंग इस आधार पर तय की जाती है कि एक टीम ने हर मैच में कितने प्रतिशत प्वाइंट हासिल किए हैं। एक मैच में कुल 12 प्वाइंट्स ही होते हैं।
| नतीजा |
एक मैच में मिलने वाले अंक |
मिलने वाला प्रतिशत |
| जीतने पर |
12 अंक मिलेंगे |
100 |
| टाई होने पर |
6 अंक मिलेंगे |
50 |
| ड्रॉ होने पर |
4 अंक मिलेंगे |
33.33 |
| हार जाने पर |
0 अंक मिलेंगे |
0 |
भारतीय टीम एक पायदान लुढ़की
टीम इंडिया टेस्ट चैंपियनशिप की तीसरी हार के साथ जीत प्रतिशत में पांचवें स्थान पर आ गई है। भारत के जीत का प्रतिशत 49.07 है। धीमी ओवर रेट के कारण टीम इंडिया को तीन अंकों का नुकसान भी हुआ है, जिसकी वजह से उसके अंक भी 53 हैं। वहीं, लगातार दो टेस्ट जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में अपनी पकड़ थोड़ी मजबूत की है। उसने अब तक तीन मैच खेले हैं और दो जीत के साथ उसके 24 अंक हैं। दक्षिण अफ्रीका की जीत प्रतिशत 66.66 है। इसी वजह से टीम चौथे स्थान पर है।
श्रीलंका टॉप पर मौजूद
एशेज सीरीज में लगातार तीन टेस्ट मैच जीतकर ऑस्ट्रेलियाई टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई थी। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी टेस्ट में ड्रॉ के बाद कंगारू टीम तीन जीत, 40 अंकों और 83.33 जीत प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर आ गई। पहले नंबर पर श्रीलंका की टीम है। श्रीलंका की टीम दो जीत, 24 अंकों और शत प्रतिशत जीत के रिकॉर्ड के साथ पहले स्थान पर है। वहीं पाकिस्तान की टीम तीन जीत, एक हार, 36 अंकों और 75 फीसद जीत प्रतिशत के साथ तीसरे नंबर पर है।
क्यों भारत फाइनल से हो सकता है बाहर?
भारतीय टीम को इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट और इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट खेलना है। इसमें से एक भी ड्रॉ या हार मिलने पर भारत पूरी तरह से बाहर हो जाएगा। श्रीलंकाई टीम के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज अगर भारत क्लीन स्वीप भी करता है तो जीत प्रतिशत कम ही रहेगा। इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट भारत उसकी जमीन पर खेलेगा। इससे पहले टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम सीमित ओवर का क्रिकेट खेलेगी। ऐसे में इंग्लैंड जाकर उसे इकलौते टेस्ट में हराना आसान नहीं होगा। ऑस्ट्रेलिया (4) और बांग्लादेश (2) के खिलाफ छह टेस्ट और होंगे। हालांकि, उनकी तारीखों का एलान नहीं हुआ है। इन दोनों सीरीज में से एक भी हारने पर टीम इंडिया का फाइनल में पहुंचना नामुमकिन होगा।