मीटू के अभियान पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अपनी तीन दिवसीय बैठक में विचार किया। सिंगापुर में आयोजित बैठक में यौन उत्पीड़न के विषय पर चर्चा हुई।
आईसीसी ने तय किया है कि खिलाड़ियों को मैदान के बाहर आचरण के बारे में शिक्षित किया जाएगा ताकि यौन उत्पीड़न और 'बच्चों और कमजोर व्यस्कों' को डराना-धमकाना रोका जाएगा।
आईसीसी की तीन दिवसीय बोर्ड बैठक शनिवार को संपन्न हुई। आईसीसी ने एक बयान जारी कर बताया कि यौन उत्पीड़न के खिलाफ बचाव के लिए गवर्निंग बॉडी नई पॉलिसी लेकर आएगी। क्रिकेट की यह वैश्विक संस्था बयान में भी विशेष रूप से महिलाओं का जिक्र करने से बचती नजर आई।
बयान के मुताबिक, आईसीसी इवेंट बिहेवियर ऐंड वेलफेयर पॉलिसी को तत्काल प्रभाव से भी पेश किया जाएगा। यह विशेष रूप से आईसीसी या स्थानीय आयोजन समिति की तरफ से या उनके लिए आईसीसी कार्यक्रमों में शामिल होने वाले खिलाड़ियों, प्लेयर सपॉर्ट स्टाफ और अन्य लोगों के लिए ऑफ-फील्ड आचरण के मानकों के तौर पर होगा।
आईसीसी सीईओ डेव रिचर्ड्सन ने कहा, 'बोर्ड और कमेटी क्रिकेट को सभी के लिए सुरक्षित जगह बनाने के लिए एकसाथ है, फिर चाहे वे खेल रहे हों या किसी भी पद पर काम कर रहे हों।