दुनियाभर के खेलप्रेमियों को 28 मई यानी गुरुवार का बेसब्री से इंतजार था क्योंकि आज इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की अहम बैठक होनी थी, जिसमें इस साल होने वाले टी-20 विश्व कप समेत IPL 2020 के भाग्य का भी फैसला होता। मगर अब यह मीटिंग 10 जून तक के लिए टाल दी गई है। टेली-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस बैठक का टलना मतलब अब लगभग दो हफ्ते बाद ही अक्तूबर में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के भविष्य से पर्दा हटना।
वर्ल्ड कप टलेगा तो IPL का रास्ता बनेगा
यदि वर्ल्ड कप टलता है तो अक्तूबर-नवंबर की इस खाली विंडो में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) होने की पूरी संभावना है। दुनिया की सबसे महंगी क्रिकेट लीग 29 मार्च से शुरू होनी थी, लेकिन भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर इसे अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है।
गोपनीयता को लेकर चिंतित ICC
आईसीसी ने अपने संचालन की 'गोपनीयता' को लेकर चिंताओं की जांच शुरू की है। बोर्ड का मानना है कि पिछले कुछ दिनों में गोपनीयता का उल्लंघन हुआ है। आईसीसी ने बोर्ड की टेलीकांफ्रेंस के बाद कहा, 'बोर्ड आईसीसी प्रबंधन से आग्रह करता है कि वे कोविड-19 महामारी के कारण लगातार बदल रही जन स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए विभिन्न आपात विकल्पों को लेकर संबंधित हितधारकों के साथ चर्चा जारी रखे।' पता चला है कि बैठक के दौरान अधिकांश चर्चा गोपनीय सूचना को लेकर हुई जिसमें आंतरिक ईमेल भी शामिल हैं जो लीक हो गए। अध्यक्ष शशांक मनोहर और बोर्ड के सदस्यों ने इस पर चर्चा की। मीडिया को लीक हुई जानकारियों की जांच आईसीसी का आचरण अधिकारी करेगा।
अक्तूबर में टी-20 सीरीज हो सकती है तो विश्व कप क्यों नहीं?
माना जा रहा है कि आईसीसी बोर्ड ने विश्व कप को लेकर सभी विकल्पों पर चर्चा की, लेकिन इस पर सर्वसम्मति नहीं बनी कि विश्व टी-20 का आयोजन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हो या इसे 2021 या संभवत: 2022 तक स्थगित किया जाए जो व्यावहारिक हल है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने आज अपना कार्यक्रम घोषित किया जिसमें अक्तूबर में टी-20 मैच भी शामिल हैं और ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि ऐसी स्थिति में विश्व टी-20 का आयोजन क्यों नहीं हो सकता। अगर आप ऑस्ट्रेलिया का कार्यक्रम देखो तो विश्व टी-20 की शुरुआत से पहले अक्तूबर के मध्य में वे भारत के खिलाफ टी-20 खेलेंगे। अगर आप अक्तूबर के मध्य में टी-20 खेल सकते हैं तो विश्व टी-20 खेलना सुरक्षित क्यों नहीं है। इस बीच बीसीसीआई अगर इस विंडो के दौरान आईपीएल का आयोजन कराने में विफल रहा तो उसे चार हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है जो निश्चित तौर पर बड़ा झटका होगा। साथ ही कार्यक्रम में बदलाव करते हुए स्टार को भी भरोसे में लेना होगा जो आईसीसी और बीसीसीआई दोनों का प्रसारण साझेदार है।