मैच के बाद हाथ मिलाते भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी
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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी इयान चैपल का मानना है कि भारत के खिलाफ पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की स्पिन के खिलाफ कमजोरियां उजागर हो गई हैं। उन्होंने कहा कि पैट कमिंस के नेतृत्व में भारत दौरे पर आई टीम को तेजी से परिस्थितियों के साथ सामंजस्य बैठाने की जरूरत है। उन्होंने कंगारी खिलाड़ियों को सलाह दी है कि भारतीय पिचों के बारे में सोचना बंद करें और सिर्फ अपने काम पर ध्यान दें।
नागपुर में रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा की स्पिन जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया को लाल मिट्टी के विकेट पर काफी परेशान किया और मेहमान टीम शनिवार को दूसरी पारी में सिर्फ 91 रन पर ढेर हो गई। यह भारत में उसका न्यूनतम स्कोर है। भारत ने नागपुर में पहला टेस्ट तीन दिन के भीतर पारी और 132 रन से जीता।
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान चैपल ने लिखा ‘‘पहले टेस्ट ने स्पिन की अनुकूल पिचों पर अच्छी स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की कमजोरी को उजागर कर दिया। अगर वे यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि इस हार से भारत में चुनौती पेश करने की उनकी मानसिक क्षमता प्रभावित नहीं हुई है तो यह उन्हें सीरीज में बनाए रखेगा। अगर वे डगमगाते हैं तो वे बड़ी परेशानी में हैं।’'
नागपुर टेस्ट से पहले भारत को पिच से छेड़छाड़ के आरोपों का सामना करना पड़ा था, लेकिन चैपल ने कहा कि इस पिच पर किसी भी तरह से खेलना असंभव नहीं था। चैपल ने लिखा, ‘‘शोर बिल्कुल वैसा ही था जैसा पिच को लेकर होता है। उम्मीद के मुताबिक, हालांकि यह पहले दिन के भारतीय लाल मिट्टी के विकेट से ज्यादा कुछ नहीं निकला। इस पिच पर खेलना असंभव नहीं था जैसा मार्नस लाबुशेन और स्टीव स्मिथ ने दिखाया लेकिन ऑस्ट्रेलिया पहली पारी में चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में विफल रहा। पिच से छेड़छाड़ को लेकर मीडिया का आरोप लगाना कोई नई बात नहीं है। खिलाड़ियों को चीजों को नजरअंदाज करना होगा वरना मेहमान टीम पर इसका बुरा असर पड़ेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस बात पर बहुत अधिक जोर दिया जाता है कि पिचें कैसी होंगी और इन्हें जानबूझकर किसी टीम के लिए मददगार बनाया गया है या नहीं। यह याद रखना होगा कि दोनों टीमों को एक ही पिच पर खेलना है। हकीकत यह है कि भारत दुनिया भर में एक बहुत मजबूत टीम के रूप में विकसित हुआ है और उन्हें पता है कि घर में कैसे जीतना है।’’
भारत को पहली पारी में 400 रन तक ले जाने वाले कप्तान रोहित शर्मा के ‘शानदार’ शतक का उदाहरण देते हुए उन्होंने लिखा, ‘‘भारत में स्पिन के खिलाफ कमजोर ऑस्ट्रेलिया अगर जल्दी से हालात से सामंजस्य नहीं बैठाता है तो उसका वही हाल होगा जो अन्य मेहमान टीमों का हुआ है। चैपल ने ऑफ स्पिन ऑलराउंडर ट्रेविस हेड को नहीं खिलाने पर भी सवाल उठाए, ‘‘अच्छे स्पिनरों के खिलाफ परेशानी के बावजूद ट्रेविस हेड को बाहर करना आसान नहीं था। केवल सात प्रथम श्रेणी मैच के बाद ऑफ स्पिनर टॉड मर्फी को पदार्पण कराना साहसिक फैसला था।’’