खराब व्यवहार के कारण विजय हजारे ट्रॉफी से निलंबित किए गए उत्तर प्रदेश के मीडियम पेसर प्रवीण कुमार ने कहा कि वह काफी दुखी और परेशान हैं। बीसीसीआई ने प्रवीण को कॉरपोरेट ट्रॉफी के दौरान विपक्षी टीम के खिलाड़ी के साथ अभद्र व्यवहार करने के कारण टूर्नामेंट से निलंबित कर दिया है।
जब प्रवीण से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा, ‘मैं इस निलंबन के बारे में मीडिया से कोई बात नहीं करना चाहता। मैं काफी दुखी और परेशान हूं। मुझे परेशान मत करिए। मेरी चुप्पी सभी सवालों का जवाब देगी। मैं चुप ही रहूंगा।’
आखिर क्या था मामला
गत चार फरवरी को कॉरपोरेट ट्रॉफी में ओएनसीजी के लिए खेलते हुए प्रवीण कुमार 49वें ओवर में इनकम टैक्स के बल्लेबाज अजित अर्गल को गेंदबाजी कर रहे थे। प्रवीण ने अर्गल को एक शॉर्ट बॉल फेंकी। जब अर्गल अंपायर के साथ चेक रहे थे कि यह गेंद नो-बॉल है या नहीं तभी प्रवीण ने अर्गल को गालियां देनी शुरू कर दी।
प्रवीण लगातार अंपायर कमलेश शर्मा और अजीत दातर के खिलाफ भी नाखुशी जताते रहे। जब अंपायर ने उन्हें रोकना चाहा तो उन्होंने इन शब्दों को फिर से दोहराया। मैच रेफरी धनंजय कुमार सिंह ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि प्रवीण मानसिक तौर पर अनफिट हैं और उनका व्यवहार बेहद आक्रामक था।