पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा है कि वीरेंद्र सहवाग अच्छे खिलाड़ी हैं लेकिन उनकी फॉर्म और व्यवहार के कारण उन्हें टीम से बाहर बैठना पड़ा है। लंबे समय से अपने खराब फॉर्म से जूझ रहे सहवाग को इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज के शुरुआती तीन मुकाबलों के लिए टीम से बाहर किया गया है।
पाकिस्तान के खिलाफ पहले दो वनडे मैचों में वीरू ने केवल 35 रन ही बनाए। टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी वीरू को इंग्लैंड के खिलाफ 11 जनवरी से शुरू हो रही सीरीज के पहले तीन मैचों से बाहर किए जाने पर गावस्कर ने कहा, 'मुझे लगता है कि फॉर्म के अलावा सहवाग का व्यवहार और खेल के प्रति दृष्टिकोण भी उनके टीम से बाहर किए जाने के अहम कारण हैं।
पूर्व कप्तान ने कहा कि सहवाग की फॉर्म फिलहाल अच्छी नहीं चल रही है लेकिन उनका व्यवहार और खेल के प्रति रवैया भी चयनकर्ताओं के दिमाग में रहा होगा, जिसके कारण उन्हें टीम से कुछ मैचों के लिए बाहर किया गया है।
गावस्कर ने हालांकि माना कि सहवाग एक मैच विनर हैं लेकिन उन्होंने कहा कि टीम से कुछ समय बाहर बैठने पर उन्हें इस बात का अहसास होगा कि भारत के लिए खेलने के क्या मायने हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि टीम से कुछ समय बाहर रहने के बाद सहवाग को शायद एहसास होगा कि भारत के लिए खेलने के क्या मायने हैं। जब तक आप चोट के कारण या टीम से बाहर किए जाने तक नहीं समझ पाते हैं कि देश के लिए खेलना क्या होता है। जब आप उस माहौल को याद करेंगे तब आपको इसकी अहमियत समझ आएगी।