पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने भी विराट ब्रिगेड को खूब कोसा और कहा कि भारतीय खिलाड़ी अभ्यास पर ज्यादा समय नहीं बिता रहे हैं। दूसरा टेस्ट रविवार को ही समाप्त हुआ और टीम लंदन के लिए बुधवार को रवाना हुई। इस बीच उनके अभ्यास की कोई खबर सामने नहीं आई। टीम इंडिया गुरुवार को अभ्यास के लिए एकत्रित हुई और शनिवार से टेस्ट मैच शुरू होना है। ऐसे में कैसे कहा जा सकता है कि मैच से दो दिन पहले अभ्यास शुरू करने वाली टीम करो या मरो वाले तीसरे मैच में जीत दर्ज करेगी।
विशेषज्ञ ऑलराउंडर के रूप में खेल रहे पांड्या का शुरुआती दो टेस्ट में प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। एजबेस्टन में वह विकेट लेने में सफल नहीं हुए जबकि बल्लेबाजी करते समय 22 और 31 रन की पारी खेली। लॉर्ड्स में पांड्या ने पहली पारी में 11 रन बनाए जबकि गेंदबाजी करते हुए 66 रन देकर तीन विकेट झटके। दूसरी पारी में उन्होंने 26 रन बनाए।
टीम इंडिया ने अनुभवी ऑफस्पिनर हरभजन सिंह ने कहा कि हार्दिक पांड्या से ऑलराउंडर का टैग छीन लेना चाहिए क्योंकि उन्होंने 2017 में डेब्यू करने के बाद से 9 टेस्ट में केवल 10 विकेट चटकाए और 458 रन बनाए। उन्होंने कहा, 'पांड्या ने बतौर बल्लेबाज ज्यादा रन नहीं बनाए और कप्तान को उनकी गेंदबाजी में विश्वास नहीं दिखता। अगर वह इन परिस्थितियों में गेंदबाजी नहीं कर सकते तो चीजें मुश्किल होती जाएंगी और भारतीय टीम को भविष्य में मुश्किलें होंगी। हमें उनसे ऑलराउंडर का टैग ले लेना चाहिए क्योंकि एक ऑलराउंडर को गेंदबाजी व बल्लेबाजी में योगदान देना होता है। बेन स्टोक्स और सैम करन ने पहले टेस्ट में यह करके दिखाया जबकि दूसरे टेस्ट में क्रिस वोक्स ने इसे साबित किया। हार्दिक पांड्या से भी यही उम्मीद है, वह रातोंरात कपिल देव नहीं बन सकते।'
अभी टीम इंडिया को प्रैक्टिस की जरूरत है और ऐसे में पांड्या ने घूमने की फोटो अपलोड की है। इससे फैंस काफी नाराज हुए और उन्होंने ऑलराउंडर को खरीखोटी सुनाई।
गावस्कर टीम इंडिया के प्रदर्शन से खुश नहीं हैं और वह इससे भी नाराज हैं कि टीम ने नाटिंघम जाने में समय क्यों लगाया। गावस्कर ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा, 'मैं समझ सकता हूं कि उन्होंने एक दिन छुट्टी का समय लिया। टीम पर हार का दबाव है, लेकिन उन्होंने नाटिंघम जाने में कोई जल्दबाजी नहीं की। लॉर्ड्स से जल्द निकलते तो अभ्यास का अधिक समय मिलता, लेकिन टीम इंडिया ने ऐसा नहीं किया।'