किंग्स इलेवन पंजाब टीम का पिछला इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) सत्र बेहद खराब रहा था और यह टीम अंक तालिका में सबसे
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निचले पायदान पर रही थी। लेकिन अब उसका लक्ष्य सोमवार को शुरुआती मुकाबले में लीग की नई टीम गुजरात लायंस के खिलाफ
जीत से आगाज करने की होगी।
पंजाब ने इस वर्ष किसी बड़े खिलाड़ी को नहीं खरीदा है। अब उसके पास ऑस्ट्रेलियाई जॉर्ज बेली की जगह नए कप्तान दक्षिण अफ्रीका के
डेविड मिलर हैं। वीरेंद्र सहवाग भी संन्यास ले चुके हैं और वह मौजूदा सत्र में टीम में मेंटर की भूमिका निभाएंगे।
प्रीति जिंटा की मालिकाना हक वाली इस टीम में संतुलन की कमी है। पिछले सत्र में उनके बल्लेबाजों ने निरंतरता की कमी थी।
बल्लेबाजों ने जब भी अच्छा स्कोर बनाया तो गेंदबाजों ने उन्हें निराश किया।
संतुलित टीम है गुजरात लायंस
लीग में पदार्पण कर रही गुजरात लायंस के पास संतुलित टीम है। इस टीम में बल्लेबाजी और गेंदबाजी में शीर्ष स्तर के खिलाड़ी हैं।
लायंस के पास ब्रैंडन मैककुलम जैसे विस्फोटक बल्लेबाज है, कप्तान सुरेश रैना, एरोन फिंच के अलावा शीर्ष स्तर के ऑलराउंडर ड्वेन
ब्रावो, रविंद्र जडेजा और जेम्स फॉकनेर हैं। इन टी-20 विशेषज्ञों को किसी भी क्रम पर कहीं भी उतारा जा सकता है।
रैना और ब्रावो पारी को संवारने का माद्दा रखते हैं वहीं ब्रावो और फॉकनेर अंतिम ओवरों के बेहतरीन गेंदबाज हैं। तेज गेंदबाजी मे
गुजरात के पास डेल स्टेन को छोड़कर कोई भी घरेलू या विदेशी बड़ा नाम नहीं है।
पंजाब के इन खिलाड़ियों पर होगी जिम्मेदारी
किंग्स इलेवन के लिए बड़ी जिम्मेदारी मिलर, ग्लेन मैक्सवेल, शॉन मार्श और मुरली विजय के अलावा मिचेल जॉनसन के कंधों पर होगी। मिलर के पास कप्तानी का बहुत कम अनुभव है। उन्हें मैक्सवेल के साथ बल्लेबाजी में अहम जिम्मेदारी निभानी होगी।