स्पॉट फिक्सिंग को लेकर हो रहे सनसनीखेज खुलासों के बीच यूपीए सरकार ने खेलों में बेईमानी को रोकने के लिए अलग कानून लाने का फैसला किया है।
क्रिकेट के लिए देशवासियों की संवेदनशीलता और दीवानगी की नब्ज भांपते हुए सरकार ने कहा कि खेल में किसी तरह की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकार ने कई हलकों से सट्टेबाजी को कानूनी मान्यता दिए जाने की राय को सिरे से नकार दिया है। सरकार ने कहा है कि खेल और खेल भावना से खिलवाड़ करने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया जा रहा है।
स्पॉट फिक्सिंग में बीसीसीआई के उदासीन रवैये पर भाजपा नेता अरुण जेटली से साथ कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला की तरफ उठ रही उंगली से सचेत सरकार ने यह भी कहा कि नए और कड़े कानून के फैसले में सरकार और विपक्ष दोनों सहमत हैं।
आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के ताजा खुलासे से संबंधित सवाल पर कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि वह बीते हुए और मौजूदा घटनाओं को नहीं देख रहे बल्कि सरकार की नीयत भविष्य संवारने की है।
मैच फिक्सिंग के खिलाफ नया कानून लाने के फैसले का ऐलान करते हुए कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने शनिवार को कहा कि इस कानून के तहत सिर्फ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों पर ही नहीं बल्कि कारपोरेट, अंडरवर्ल्ड और सटोरियों पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।
सिब्बल ने खास तौर पर बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मौजूदा कानून में मैच फिक्सिंग या स्पॉट फिक्सिंग को गैर कानूनी करार देने का प्रावधान नहीं है। लिहाजा एटार्नी जनरल जीई वाहनवती की राय मानते हुए सरकार इस मामले में अलग कानून बनाने पर सहमत हो गई है।
कानून का मसौदा तीन से चार दिन में तैयार कर उसे खेल मंत्रालय की राय के लिए भेज दिया जाएगा। सिब्बल के मुताबिक सरकार संसद के मानसून सत्र में इस कानून को पास कराने की पूरी कोशिश करेगी। कानून मंत्री ने साफ कहा कि केवल क्रिकेट ही नहीं सभी खेलों में फिक्सिंग या सट्टेबाजी आपराधिक कृत्य होगा।
सिब्बल ने कहा कि देश के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की संवेदना को सरकार अनसुना नहीं कर सकती। लेकिन इस कानून के दायरे में क्रिकेट के साथ सभी खेलों को शामिल किया गया है। सिब्बल ने जानकारी दी कि वाहनवती की राय में खेल संबंधी कानून बनाना राज्य सरकार के बस के बाहर की बात है।
लिहाजा केंद्र को ही इस मामले में ठोस कदम उठाने होंगे। सिब्बल के मुताबिक नए कानून में खेल में बेईमान हरकत (डिजॉनेस्ट प्रैक्टिस) का पूरा ब्यौरा दिया जाएगा ताकि सट्टेबाजी और फिक्सिंग में शामिल तकनीक से लैस लोगों की करतूतों को गैरकानूनी घोषित किया जा सके।