पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। उन्होंने 2011 विश्व कप में भारत की जीत में महेंद्र सिंह धोनी के योगदान को लेकर कई बयान दिए हैं। गंभीर कई बार कह चुके हैं कि धोनी ने अकेले खिताब नहीं जीता था। भारत की जीत में सभी 11 खिलाड़ियों का योगदान था। गंभीर ने भी फाइनल मैच में 97 रन की शानदार पारी खेली थी। गंभीर ने कहा कि किसी खिलाड़ी को बहुत बड़ा स्टार बनाना सही नहीं है। हमें खेल का प्रशंसक होना चाहिए और सभी खिलाड़ियों को बराबरी से देखा जाना चाहिए।
भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप 2023 मैच के दौरान, गंभीर ने 2010 में दोनों टीमों के बीच एक और मैच को लेकर एक दिलचस्प टिप्पणी की। शनिवार को एशिया कप मैच में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की बल्लेबाजी के दौरान, ब्रॉडकास्टर ने स्क्रीन पर दोनों देशों के बीच 2010 के एक मैच का स्कोरकार्ड दिखाया। गंभीर को इस मैच में 83 रन बनाने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था।
इस दौरान कमेंट्री कर रहे गंभीर ने उस मुकाबले के बारे में बोलते हुए कहा कि यह वह नहीं बल्कि हरभजन सिंह थे, जिन्होंने मैच जीता था क्योंकि हरभजन सिंह ने विजयी रन मारा था। गंभीर ने कहा "जिताया मैंने नहीं, जिताया हरभजन सिंह ने था। मेरी और धोनी के बीच साझेदारी जरूर हुई थी लेकिन मेरा मानना है कि जो आखिरी रन बनाता है वही जिताता है।"
कुछ समय पहले, गंभीर ने इस तथ्य पर निराशा व्यक्त की थी कि 2011 विश्व कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ एमएस धोनी के मैच विजयी छक्के की सराहना की जाती है, लेकिन लोग युवराज सिंह के योगदान का उतना जश्न नहीं मनाते हैं। उन्होंने कहा था "हमने 2011 विश्व कप के लिए युवराज को पर्याप्त श्रेय नहीं दिया। यहां तक कि जहीर खान, सुरेश रैना और मुनाफ पटेल को भी। सचिन तेंदुलकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे, लेकिन क्या हम उनके बारे में बात करते हैं? मीडिया एमएस धोनी के उस छक्के के बारे में बात करता रहता है। आप व्यक्तियों के प्रति आसक्त हैं; आप टीम को भूल गए हैं।''
भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान गंभीर की टिप्पणी से कई फैंस चकित रह गए, क्योंकि वह वर्षों से गंभीर की सोच के विपरीत रुख अपनाते रहे हैं।