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सामने आई भारत की सबसे बड़ी कमजोरी, गंभीर ने बताया क्यों फाइनल हार जाती है टीम

Sat, 13 Jun 2020 09:15 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गौतम गंभीर - फोटो : ट्विटर
पूर्व सलामी गौतम गंभीर बल्लेबाज को लगता है कि भारतीय खिलाड़ियों में मुश्किल हालात में दबाव से निपटने के लिए 'मानसिक मजबूती' की कमी है। गंभीर ने कहा कि वे तब तक खुद को विश्व चैंपियन नहीं कह सकते जब तक वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नमेंट में वे खुद को साबित नहीं करते।
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2015 विश्व कप भारतीय क्रिकेट टीम - फोटो : सोशल मीडिया
भारत ने 1983 और 2011 में दो बार वन-डे वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किया है, लेकिन चार बार वह टूर्नामेंट के सेमीफाइनल चरण से बाहर हो चुका है, जिसमें पिछले दो चरण 2015 और 2019 शामिल हैं।
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T-20 वर्ल्ड कप में भारत ने 2007 में शुरुआती चरण में ट्रॉफी जीती थी और टीम 2014 में फाइनल में पहुंची थी। गंभीर ने स्टार स्पोर्ट्स के 'क्रिकेट कनेक्टिड' शो में कहा, 'टीम में एक अच्छे खिलाड़ी और एक बहुत अच्छे खिलाड़ी के बीच में से क्या चीज आपको अलग करती है। वह है कि आप महत्वपूर्ण मैचों में कैसा करते हो। मुझे लगता है कि शायद हम दबाव से अच्छी तरह से नहीं निपट पाते, जबकि अन्य टीमें दबाव से अच्छी तरह निपट लेती हैं।'

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उन्होंने कहा, 'अगर आप सभी सेमीफाइनल और फाइनल को देखो तो इसमें दिखता है कि जब आप लीग चरण में काफी अच्छा खेलते हो, लेकिन सेमीफाइनल या नॉकआउट में इतना अच्छा नहीं खेलते, यह शायद आपकी मानसिक मजबूती ही है।'
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क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 - फोटो : अमर उजाला
गंभीर उस टीम का हिस्सा थे, जिसने 28 साल बाद 2011 में वर्ल्ड कप खिताब जीता था। उन्होंने कहा कि भारत तब तक खुद को विश्व चैंपियन नहीं कह सकता, जब तक वे खुद इसे साबित नहीं करते। उन्होंने कहा, 'हम बात कर सकते हैं कि हमें सबकुछ मिल गया, हममें विश्व चैंपियन बनने की काबिलियत है, लेकिन जब तक आप क्रिकेट के मैदान पर जाकर साबित नहीं करते, आपको विश्व चैंपियन नहीं कहा जाएगा।'
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