भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे ओपनर गौतम गंभीर का कहना है कि उन्हें कोई सहानुभूति नहीं चाहिए। अब उनका पूरा ध्यान वापसी पर होगा।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट टीम में जगह नहीं मिलने पर गंभीर ने ट्विटर पर कहा, ‘कोई सहानुभूति नहीं, प्लीज! अब मेरा ध्यान कड़े अभ्यास और भारत ए के मैच पर है। विजय और शिखर के लिए खुशी है। हर हाल में जीत चाहिए, चाहे मैं टीम में रहूं या न रहूं।’
गंभीर पिछले तीन साल और 46 पारियों से टेस्ट में शतक लगाने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने अपना आखिरी शतक 17 जनवरी 2010 को बांग्लादेश के खिलाफ लगाया था। पिछले 26 टेस्ट में वह 30.2 की साधारण औसत से ही रन बना पाए हैं।