पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन शहरयार खान ने स्वीकार किया है कि सुरक्षा कारणों के चलते पाकिस्तानी खिलाड़ियों का इंडियन प्रीमियर लीग में हिस्सा लेना संभव नहीं है। आईपीएल के फ्रेंचाइजी सुरक्षा कारणों से पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर रिस्क लेना नहीं चाहते।
खान ने कराची में कहा कि बीसीसीआई के अधिकारी ने उनसे बातचीत के दौरान साफ कहा कि 2009 के बाद से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लीग में नहीं शामिल करने में बोर्ड का कोई हाथ नहीं है। बकौल खान, ‘भारतीय बोर्ड ने कहा कि फ्रेंचाइजी पाकिस्तानी खिलाड़ियों, खासकर भीड़ को आकर्षित करने वाले बल्लेबाज शाहिद आफरीदी को लेना चाहती हैं लेकिन सुरक्षा कारणों से वह जोखिम उठाना नहीं चाहतीं। फ्रेंचाइजियों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि भारत में अधिकांश दर्शक पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पसंद नहीं करते लिहाजा उनकी सुरक्षा टूर्नामेंट के दौरान हमेशा चिंता बनी रहेगी।’
शहरयार से जब पूछा गया कि हाल में भारत और पाकिस्तान हॉकी तथा कबड्डी बोर्डों के बीच जो खींचतान हुई है क्या उसका असर क्रिकेट संबंध पर पड़ेगा तो उनका जवाब था, ‘भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंध हमेशा से अच्छे रहे हैं। दोनों देशों के बीच जब राजनीतिक और रायनयिक रिश्ता तनावपूर्ण था तब भी क्रिकेट संबंध बढ़िया रहे और मुझे उम्मीद है कि यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। हालांकि हॉकी और कबड्डी में जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसा नहीं होना चाहिए था।’ खान ने उम्मीद जताई है कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध अगले साल से शुरू हो जाएगा।