पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने का ऐलान किया गया है। इस पर प्रख्यात इतिहाकार रामचंद्र गुहा ने सवाल उठा दिए हैं।
गुहा ने ट्वीट करके इस पर नाराजगी जताई। उनके मुताबिक वाजपेयी को भारत रत्न मिलना ठीक है लेकिन जिस शख्स की बहुत पहले मृत्यु हो चुकी है उसे भारत रत्न देना एक गलती है।
गुहा यही नहीं रूके उनके मुताबिक अगर मालवीय को भारत रत्न दिया जा सकता है तो रवींद्र नाथ टैगोर, महात्मा फुले, तिलक, गोखले, विवेकानंद, अकबर, शिवाजी, गुरु नानक, कबीर और सम्राट अशोक को भी मिलना चाहिए।
गुहा ने आगे कहा कि मालवीय को भारत रत्न देना ओछी सोच का परिचायक है जिसका समर्थन नहीं किया जा सकता।
उनके मुताबिक गोखले, तिलक, भगत सिंह का योगदान मालवीय से कहीं ज्यादा है। लेकिन सच यह है कि गोखले, तिलक, भगत सिंह, कमला देवी और टैगोर जैसे महापुरुषों से पीएम मोदी के लोकसभा क्षेत्र बनारस में मदद नहीं मिलती।
आपको बता दें पंडित मदन मोहन मालवीय बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक और पूर्व स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं।