कभी-कभी क्रिकेट मैच के दौरान पिच का मिजाज अचानक बदल जाता है और फिर बल्लेबाजों के लिए कब्रगाह बन जाता है। गेंदबाजों की एक-एक गेंद बल्लेबाजों के लिए भारी पड़ता है। ऐसा ही हुआ एक मैच में लेकिन इस बार हालात पूरे ही मैच में रहे। इस कारण मैच महज डेढ़ दिन में ही खत्म हो गया। दिलचस्प यह था कि जिस मैदान पर यह मैच खेला गया वो पहली बार किसी बड़े मैच की मेजबानी कर रहा था।
डेढ़ दिन में मैच खत्म होने के तुरंत बाद मेहमान टीम ने पिच को लेकर बीसीसीआई को शिकायत दर्ज करा दी है। यह मैच हुआ ओडिशा और बंगाल के बीच।
ओडिशा टीम को रणजी ट्रॉफी ग्रुप-ए मुकाबले के दूसरे ही दिन बंगाल के खिलाफ 133 रनों से हार झेलनी पड़ी। उसकी दूसरी पारी 37 रन पर ही सिमट गई जो रणजी सत्र का न्यूनतम स्कोर है। मेजबान टीम की ओर से पेसर अशोक डिंडा ने हैट्रिक सहित 7 विकेट झटके। पिच शुरू से ही बल्लेबाजों के लिए कब्रगाह बनी रही।
पहले दिन 77 ओवर के अंदर 20 विकेट गिरे जबकि दूसरे दिन लगभग 65 ओवर के अंदर इतने ही विकेट गिरे। मैच के आखिरी 18 विकेट महज 38 रन के अंदर गिरे। ओडिशा के कप्तान नटराज बेहड़ा और ओसीए के सचिव आशीर्वाद बेहड़ा ने शिकायत दर्ज किए जाने की पुष्टि की। ओसीए सचिव ने कहा, "क्या आप प्रथम श्रेणी मैचों के लिए इस तरह के विकेट तैयार करते हैं। चार दिन के मैच का क्या मतलब है। यदि आप अधूरे तैयार विकेट पर मैच करवाते हैं जो डेढ़ दिन में समाप्त हो जाता है।"
बकौल नटराज, "हम इस तरह के विकेट से बहुत निराश हैं। हां, हमारे मैनेजर ने मैच रेफरी (शक्ति सिंह) से आधिकारिक शिकायत दर्ज करा दी है। यह बेहद खतरनाक पिच थी।" रेफरी ने भी शिकायत दर्ज कराए जाने की पुष्टि करते हुए कहा, "हां, ओडिशा ने शिकायत दर्ज करा दी है। मैं इसे बीसीसीआई को भेजूंगा। मैं अपनी रिपोर्ट भी दूंगा। फैसला बीसीसीआई को करना है।"