टेस्ट क्रिकेट में 800 विकेट लेने वाले गेंदबाज मुरलीधरन ने कहा, ‘अपने कॅरिअर के दौरान मुझे लगा कि ऑफ स्पिन सचिन की मामूली कमजोरी है। लेग स्पिन पर वह करारे शॉट जमाते थे लेकिन ऑफ स्पिन खेलने में उन्हें थोड़ी परेशानी होती थी क्योंकि मैंने उन्हें कई बार आउट किया। इसके अलावा कई ऑफ स्पिनरों ने उन्हें कई बार आउट किया। मैंने इसे देखा है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं जानता। मैंने कभी उनसे इस बारे में बात नहीं की कि आप ऑफ स्पिन खेलने में सहज महसूस क्यों नहीं करते। मुझे लगता कि उनकी थोड़ी कमजोरी है और इसलिए अन्य खिलाड़ियों की तुलना में मैं थोड़ा फायदे में रहा। सचिन को हालांकि आउट करना आसान नहीं था।’
मुरलीधरन ने वनडे में भी 530 विकेट लिए। उन्होंने अपने कॅरिअर में तेंदुलकर को 13 बार आउट किया। उन्होंने सहवाग और लारा की भी प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने अपने कॅरिअर में जिन बल्लेबाजों के लिए गेंदबाजी की उनमें ये दोनों सबसे खतरनाक थे।
मुरलीधरन ने कहा, ‘सहवाग बेहद खतरनाक थे। उनके लिए हम सीमा रेखा के पास क्षेत्ररक्षक लगाकर रखते थे क्योंकि हम जानते थे कि वह लंबे शॉट खेलने के लिए मौका देखेंगे। वह जानते थे कि जब उनका दिन होगा तो वह किसी पर भी आक्रमण कर सकते हैं। फिर हम रक्षात्मक क्षेत्ररक्षण लगाकर क्या करते।’वर्तमान समय के खिलाड़ियों के बारे में उन्होंने कहा, ‘कोहली स्पिन के अच्छे खिलाड़ी हैं विशेषकर टेस्ट क्रिकेट में। बाबर आजम भी अच्छे बल्लेबाज लगते हैं। ’