रोशन ने कहा है कि भारत हमेशा श्रीलंका के जरूरत के समय साथ खड़ा होता है और हमारी मदद करता है। महानामा ने कहा- हम भारत से हमेशा मदद की उम्मीद करते हैं और वह हमारी मदद करता भी रहा है। हमारा पाकिस्तान और चीन के साथ भी अच्छे संबंध हैं। हमें सबसे मदद की जरूरत है।
इससे पहले बुधवार को भारत ने श्रीलंका को 270,000 मिलियन टन ईंधन श्रीलंका को सप्लाई किया था, ताकि देश में हो जारी समस्याओं को कुछ हद तक दूर किया जा सके। ईंधन की कमी से पावर-कट की समस्या उत्पन्न हो चुकी है। महानामा ने कहा कि श्रीलंका के नेता इस संकट के लिए जिम्मेदार हैं। हालांकि, वह वापसी करेंगे।
महानामा ने कहा कि वह अब तक इस मुद्दे पर बयान देने से बच रहे थे, क्योंकि वह लाइमलाइट में नहीं आना चाहते थे। उन्होंने कहा कि वह इस जगह को भविष्य के लिए एक बेहतर जगह बनाना चाहते हैं। महानामा ने कहा- मेरी मुख्य चिंता श्रीलंका में मेरे लोगों के प्रति है। इनमें मेरे प्रशंसक जिन्होंने मेरे अच्छे और बुरे समय में मेरा साथ दिया शामिल हैं।
उन्होंने कहा- इसलिए अब यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं कठिन समय में उनका ख्याल रखूं। हां, हम एक वास्तविक संकट में हैं, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि श्रीलंका के नेताओं को इस संकट की स्थिति के लिए दोषी ठहराया जाना चाहिए। हमारे पास बिजली नहीं है, ईंधन की आपूर्ति नहीं है और खाने की कमी है। युवा सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। श्रीलंका एक खूबसूरत देश है।
महानामा ने कहा- हम पिछले 74 वर्षों से भुगत रहे हैं क्योंकि सरकार के पास सत्ता में बने रहने का यही एकमात्र एजेंडा है। वे (राजनेता) कैसे सिर्फ सत्ता में बने रहने के लिए देश को बर्बाद कर सकते हैं, जब उनका काम लोगों की देखभाल करना है। उन्हें समाधान निकालना चाहिए और संकट की स्थिति से उबरने के लिए आईएमएफ (अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष) जैसे अंतर्राष्ट्रीय निकायों से बात करना शुरू करना चाहिए।
महानामा ने कहा- मैं सभी श्रीलंकाई लोगों से एक साथ रहने, अपनी प्रतिबद्धता दिखाने का आग्रह करता हूं। लोग उम्मीद न हारें और मजबूत बनें, क्योंकि हमें अपने राजनेताओं से देश को इस स्थिति में लाने के लिए जवाब भी मांगना है। हमें राजनीतिक व्यवस्था को बदलने की जरूरत है।