भारतीय टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव खिलाड़ियों की चोट से काफी परेशान हैं और उन्होंने इसे लेकर चिंता जाहिर की है। 1983 में अपनी कप्तानी में भारत को विश्व कप खिताब दिलाने वाले कपिल ने चोटिल होने की बढ़ती घटनाओं पर अपनी राय रखी और व्यस्त कैलेंडर को दोषी ठहराया। भारत के स्टार तेज गेंदबाज पिछले कुछ समय से चोटिल हैं जिस कारण वह इस महीने होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी में भी नहीं खेल पाएंगे।
बुमराह चोट के कारण चैंपियंस ट्रॉफी से हैं बाहर
बुमराह पिछले कुछ दिनों से बंगलुरू स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में रिहैब कर रहे हैं। बुमराह को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पांचवें टेस्ट मैच के दौरान चोट लगी थी और वह तभी से मैदान से बाहर चल रहे हैं। इससे पहले अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी भी 14 महीने तक चोट के कारण बाहर रहे थे।
कपिल ने भारत को दी शुभकामनाएं
यह पूछने पर कि क्या चैंपियंस ट्रॉफी में बुमराह की कमी खलेगी, कपिल ने खिलाड़ियों से चोटिल खिलाड़ियों पर निर्भर रहने की बजाय एक दूसरे का सहयोग करने पर फोकस रखने के लिए कहा। कपिल ने कहा, मुझे चिंता यही है कि वे साल में 10 महीने खेल रहे हैं। उसके बारे में बात क्यों करना जो टीम में नहीं है। यह टीम का खेल है और टीम को जीतना है, व्यक्तियों को नहीं। यह बैडमिंटन, टेनिस या गोल्फ नहीं है। हम चैंपियंस ट्रॉफी में टीम खेल में भाग ले रहे हैं। अगर हम टीम के तौर पर खेलेंगे तो जरूर जीतेंगे। आप कभी नहीं चाहते कि आपके मुख्य खिलाड़ी चोटिल हों, लेकिन अगर ऐसा होता है तो कुछ कर नहीं सकते। भारतीय टीम को शुभकामनाएं।
भारत को चैंपियंस ट्रॉफी में अपना पहला मैच 20 फरवरी को बांग्लादेश से खेलना है। कपिल ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में उदीयमान प्रतिभाओं को देखकर वह काफी रोमांचित हैं। उन्होंने कहा, जब आप युवाओं को देखते हैं तो उनका आत्मविश्वास अविश्वसनीय है। हम जब इस उम्र के थे तो हमारे अंदर इतना आत्मविश्वास नहीं था। उन्हें मेरी शुभकामनाएं।