टीम इंडिया की हार के बाद अब उसके कारणों पर भी जमकर चर्चा हो रही है। हालांकि जिसने भी विंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल मैच देखा उन्हें मालूम है कि इस हार के लिए वो दो नोबॉल जिम्मेदार हैं जिन पर कैच भी लपके गए थे।
उन दो नोबॉल पर कैरेबियाई बल्लेबाज लिंडल सिंमस लपक भी लिए गए थे, लेकिन वो गेंद नोबॉल निकली जिससे उन्हें फिर से बल्लेबाजी करने के मौके मिल गए और फिर संभावित जीत को टीम इंडिया से दूर करते हुए अपनी टीम के पक्ष में कर दिया। सिंमस ने फिर मिले मौकों का फायदा उठाया और 82 रनों की नाबाद पारी खेलकर टीम की जीत के हीरो बन गए।
इस बेहद अहम मुकाबले में जहां भारतीय गेंदबाजों को कोई गलती नहीं करनी थी तो उन्होंने ऐसे समय 2 नोबॉल फेंक दिए जिस पर विकेट मिल गए थे। टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में महत्वपूर्ण मौके पर नोबॉल फेंकने पर पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों की कड़ी आलोचना की और कहा कि किसी भी फिरकी गेंदबाज का नोबॉल फेंकना स्वीकार्य नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा, "तेज गेंदबाज यार्कर या बाउंसर फेंकने के चक्कर में कई बार फ्रंटफुट नोबॉल कर देते हैं लेकिन स्पिनर्स से ये उम्मीद नहीं की जाती कि वे नोबॉल फेंकेंगे। आप नेट प्रैक्टिस के दौरान अभ्यास के दौरान यही तो सीखते हैं। सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय ऑफ स्पिनर अश्विन और तेज गेंदबाज हार्दिक पांडया ने नोबॉल फेंकी जिस पर विंडीज की जीत के नायक लिंडल सिमंस को दो बार जीवनदान मिल गया।"
गावस्कर ने कहा कि भारतीय टीम ने 20 रन कम बनाए। अच्छी शुरुआत के बावजूद हम आठ रन प्रति ओवर से ज्यादा नहीं बना पाए जोकि एक मजबूत बल्लेबाजी वाली विपक्षी टीम के खिलाफ ज्यादा नहीं था। आपको दस रन प्रति ओवर बनाने चाहिएं थे। इस नजरिए से देखा जाए तो विंडीज के गेंदबाजों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। साथ ही उन्होंने कैरेबियाई टीम की जमकर तारीफ भी की।
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ दूसरे सेमीफाइनल मैच में वेस्टइंडीज की जीत के हीरो रहे लिंडल सिमंस को दो बार फ्रंटफुट नोबॉल पर जीवनदान मिला और एक बार उनका कैच पकड़ते समय रविंद्र जडेजा का पांव बाउंड्री लाइन को छू गया था।
कैरेबियाई पारी के सातवें ओवर में आर अश्विन की गेंद पर जसप्रीत बुमराह ने सिमंस का शॉर्ट थर्ड मैन पर कैच पकड़ा लेकिन गेंद नोबॉल निकली। उस समय सिमंस 18 रनों पर खेल रहे थे। दूसरी बार 15वें ओवर में जब अश्विन ने सिमंस का कैच पकड़ा तब हार्दिक पांड्या नोबॉल फेंक बैठे थे।
इसके अलावा 18वें ओवर में बुमराह की गेंद पर जडेजा ने लांग आन पर कैच पकड़कर विराट कोहली को थ्रो कर रिले कैच का नजारा पेश किया लेकिन टीम इंडिया का दुर्भाग्य रहा कि जडेजा का पांव बाउंड्री को मामूली सा छू गया था।
स्पिनर के लिए ओवर स्टेप कर ‘नो बॉल’ करना तो वाकई बहुत बड़ा गुनाह है। यदि तब सिमंस आउट हो गए होते तो वेस्ट इंडीज की टीम दबाव में आ जाती तो उसके लिए वानखेड़े की पिच पर भारत के 192 रन के पहाड़ को पार करना मुश्किल हो जाता ।