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वीरू भैय्या प्लीज इन गलतियों को मत दोहराना

Thu, 21 Feb 2013 01:12 PM IST
अभिषेक कुमार
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क्रिकेट प्रशंसकों का इंतजार 22 फरवरी को खत्म हो जाएगा। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज का पहला मैच चेन्नई के एम ए चिदंबरम स्टेडियम में शुरू हो जाएगा। खास बात यह है कि वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गज क्रिकेटर का अंतरराष्ट्रीय करियर काफी हद तक इसी सीरीज पर निर्भर करेगा। ऐसे में दोनों क्रिकेटरों के करोड़ों प्रशंसक बस यही दुआ कर रहे हैं कि वे गलतियों को न दोहराएं और अपने आलोचकों को करारा जवाब दें।
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लाज रख लेना वीरू
किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने वाले सहवाग पिछले दो साल से टेस्ट मैचों में कोई शतक नहीं लगा पाए हैं। लचर बल्लेबाजी और ढीले क्षेत्ररक्षण के चलते सीमित ओवरों के फॉर्मेट से करीब-करीब बाहर हो चुके सहवाग को टेस्ट में दमखम दिखाने का मौका दिया गया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि वीरू इस टेस्ट सीरीज में गलतियों को काबू करगें।

इन 4 गलतियों से बचें सहवाग
-पिछले दो साल से सहवाग पहले की तरह आत्मविश्वास के साथ शॉट नहीं खेलते हैं। बैकलिफ्ट शॉट खेलने के दौरान सहवाग बल्ले को सीधा नीचे की ओर ले जाने के बजाय उसे थोड़ा मोड़ देते हैं। जिससे पैड और बैट के बीच में गैप रह जाता है। इस कारण नीचे रहती गेंदों पर वे बोल्ड या एलबीडब्ल्यू हो रहे हैं। माना जा रहा है कि आंखों में थोड़ी समस्या के चलते सहवाग को बैकलिफ्ट में समस्या हो रही थी। उन्होंने इससे पार पाने के लिए इस सीरीज में चश्मा लगाकर बैटिंग करने का फैसला किया है।
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-आमतौर पर जब बल्लेबाज लंबे समय तक बड़ी पारी नहीं खेलता है तो उसका आत्मविश्वास डगमगा जाता है। इसका असर उसके फुटवर्क पर पड़ता है। सहवाग भी इसी समस्या से ग्रस्त हैं। वे शॉट लगाते समय फुटवर्क का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं, जिससे गेंद और बल्ले का सटीक संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस समस्या के चलते वे आसान कैच थमा रहे हैं।

-सहवाग शुरुआती दिनों से ही तेज गेंदबाजों की बाहर जाती गेंदों पर शॉट खेलने के लिए जाने जाते हैं। इस शॉट को लगाने के लिए बल्लेबाज की नजरें तेज होना जरूरी होता है। आमतौर पर बल्लेबाज जब उम्र की ढलान पर होता है तो अपनी शारीरिक क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए इस शॉट से परहेज करना शुरू कर देते हैं। लेकिन सहवाग 34 साल की अवस्था में भी इस शॉट को खेलते हैं। जिससें वे शुरुआती सत्र में मूव होती गेंदों पर स्लिप में कैच थमा दे रहे हैं।

-पिछले कुछ समय से सहवाग का शारीरिक फिटनेस काफी बिगड़ गया है। वे इसे कंट्रोल करने में नाकाम रहे हैं। इसका सीधा असर उनके क्षेत्ररक्षण पर पड़ रहा है। कई मौकों पर वे महत्वपूर्ण कैच छोड़ रहे हैं, जिसका खामियाजा टीम को उठाना प़ड़ा है।
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