भारतीय खेलों के लिए 2013 नई उम्मीदों का साल होगा। कई युवा खिलाड़ी चमक बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गजों की जगह लेने के लिए कई युवा अपना दावा जता चुके हैं।
2012 में देश को अपनी कमान में अंडर-19 वर्ल्ड कप खिताब जिताने वाले उन्मुक्त चंद के अलावा अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा, रविंद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी और अशोक डिंडा भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं। विराट कोहली भविष्य के कप्तान हैं। इनके ऊपर भारतीय क्रिकेट की विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी है।
ओलंपिक में मामूली अंतर से पदक से चूके शूटर जॉयदीप कर्माकर उन युवाओं में से हैं जिन्होंने मुसीबतों को पीछे छोड़ सफलता का दामन थामा। स्क्वैश में दीपिका पल्लीकल, टेबल टेनिस में सौम्यजीत घोष, मुक्केबाजी में एल देवेंद्रो और विकास कृष्णा के अलावा शटलर पीवी सिंधू की प्रतिभा की झलक हम बीते साल देख चुके हैं।
उम्मीद करिए नए साल में ये खिलाड़ी पूरी कर्मठता, मेहनत और लगन से विश्व खेल जगत में भारत का झंडा बुलंद कर सफलता की नई इबारत लिखेंगे।